हैदराबाद: कला और चित्रकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए थोटा वैकुंठम को 32वां युद्धवीर फाउंडेशन स्मारक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा 30 अप्रैल को शाम 4.30 बजे केएलएन प्रसाद ऑडिटोरियम, एफटीसीसीआई, रेड हिल्स में वैकुंठम को पुरस्कार प्रदान करेंगे। पुरस्कार के अंतर्गत एक प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
गौरतलब है कि करीमनगर जिले के बुरुगुपल्ली गांव में पिता वेंकय्या और मां सत्यम के घर में 1942 में जन्म हुआ। वैकुंठम की प्रारंभिक शिक्षा वेमुलवाडा और सिलसिला में हुआ। ग्रामीण क्षेत्र में कलात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों – विशेषकर मंदिर, संगीत, उत्सव, नुक्कड़, नाटक, कठपुतलियां प्रदर्शनी, लोक नृत्य आदि में उनकी गहरी रुचि रही है। उन्होंने अपने प्रारंभिक वर्षों में ग्रामीण लोक कलाकारों और रंगमंच समूह के साथ काफी समय बिताया। हाई स्कूल एक शिक्षक के प्रोत्साहन से उन्होंने कला और पेंटिंग शुरू की और यहीं से कॅरियर बनाने का सपना देखा। परिवार व्यवसाय में शामिल होने के बजाय वह एक कलाकार के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए हैदराबाद आये। इसके अलावा पल्लेटुरी पिल्लगाडा, माँ भूमि, मट्टी मनषुलु और दासी जैसी फीचर फिल्मों में कला निर्देशक के रूप में भी काम किया।
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वैकुंठम ने विशेष रूप से महिलाओं के चित्रों को विश्व भर की चित्रकला क्षेत्र में अमर कर दिया। उनके चित्रों में महिलाएं में हल्दी, चंदन, माथे पर लाल बिंदी, रंगीन साड़ियां दिखाई देती है। वैकुंठम ने 1960 में हैदराबाद में कॉलेज आफ फाइन आर्ट एवं आर्किटेक्चर में दाखिला लिया। 1970 में चित्रकला डिप्लोमा प्राप्त किया। इसके अगले वर्ष उन्हें ललित कला संकाय महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा में अध्ययन करने के लिए आंध्र पर ललित कला अकादमी से फेलोशिप प्रदान की। वहां पर उन्होंने प्रसिद्ध कलाकार क सुब्रमण्यम के मार्गदर्शन में अपने कौशल को परिष्कृत किया। फिल्म दासी के लिए उन्हें 1989 में राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित किया गया।
