कहते हैं खुदा ने इस जहाँ में सभी के लिएकिसी न किसी को है बन
Continue Readingप्रवीण प्रणव की पुस्तक ‘कुछ राब्ता है तुमसे’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, इन विद्वानों ने बताई राज की बात, पढ़कर दंग रह जाएंगे आप
हैदराबाद: मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के गच्चीब
Continue Readingपुस्तक समीक्षा : समीक्षकीय नजर से देखो और पढ़ो ‘कुछ राब्ता है तुमसे’, तब जान पाओगे राज
हिंदी साहित्य में निबंध विधा का लेखन अत्यल्प हो रहा है। प
Continue Readingलेखक प्रवीण प्रणव की नई किताब ‘लिए लुकाठी हाथ’ के लिए वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर देवराज के ‘आशीर्वचन’
(ऋषभदेव शर्मा के साहित्य की समीक्षा) लुकाठी के गुणों का
Continue Readingगुर्रमकोंडा नीरजा की ‘परख और पहचान’ पुस्तक समीक्षा: “परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता”
बशीर बद्र का बहुत मकबूल शेर है "परखना मत परखने में कोई अपन
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