हैदराबाद : पुलिस ने बसवराजू सहित आठ माओवादियों का किया अंतिम संस्कार किया है। आपको बता दें कि नारायणपुर जिले के सीमा पर 21 मई को पुलिस और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में 27 माओवादियों की मौत हो गई थी। उनके शवों के साथ ही भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किया गया। इसके बाद माओवादियों के शव को मुख्यालय लाया गया। बाद में उनकी शिनाख्ती की गई। इसके बाद आठ माओवादियों का पुलिस ने रीति रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया।
इसी क्रम में पुलिस की ओर से माओवादियों का अंतिम संस्कार किये जाने पर नागरिक अधिकार संगठनों ने निंद की है। उन्होंने कहा कि यह घोर अन्याय है। नेताओं ने कहा कि क्या माओवादियों के शव बम बनकर विस्फोट करेंगे। क्या सरकार की गद्दी छिनेंगे। ये सरकार माओवादियों के शवों को देखकर इतना क्यों डर रही है।
नेताओं ने यह भी कहा कि पुलिस के अंतिम संस्कार किये जाने के विरोध में वे अदालत में याचिक दायर करेंगे। नेताओं ने बताया कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से मृतक माओवादियों के परिजन शवों को लेने के लिए पीछले पांच-छह दिन से यहां पर मौजूद है। कोर्ट के आदेश के बावजूद शवों को नहीं दिया गया। ऐसा करना संविधान का उल्लंघन है।
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दूसरी ओर पुलिस ने अंतिम संस्कार किये जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि माओवादियों के परिजन शवों को जुलूस के रूप में ले जाएंगे। साथ ही उन्हें हीरों के रूप में दिखाएंगे। गांवों में बैठके करेंगे और मृतक माओवादियों के स्तूप बनाएं। इसीलिए सरकार के आदेश पर पुलिस ने ही अंतिम संस्कार किया है।
బసవరాజు సహా ఎనిమిది మంది మావోయిస్టులకు పోలీసులు అంత్యక్రియలు నిర్వహించారు
హైదరాబాద్: బసవరాజు సహా ఎనిమిది మంది మావోయిస్టులకు పోలీసులు అంత్యక్రియలు నిర్వహించారు. మే 21న నారాయణపూర్ జిల్లా సరిహద్దులో పోలీసులు, మావోయిస్టుల మధ్య జరిగిన ఎన్కౌంటర్లో 27 మంది మావోయిస్టులు మరణించారు. వారి మృతదేహాలతో పాటు, భారీ మొత్తంలో ఆయుధాలను కూడా స్వాధీనం చేసుకున్నారు. దీని తరువాత మావోయిస్టుల మృతదేహాలను ప్రధాన కార్యాలయానికి తీసుకువచ్చారు. తరువాత వారిని గుర్తించారు. దీని తరువాత, పోలీసులు ఎనిమిది మంది మావోయిస్టులను ఆచారాల ప్రకారం దహనం చేశారు.
