हैदराबाद : माओवादियों की ओर से 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीद स्मृति सप्ताह मनाया जाएगा। यह शहीद स्मृति सप्ताह के शहीदों को लक्ष्य को पूरा करने के लिए मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य पार्टी, पीएलजी, संयुक्त मोर्चा और क्रांतिकारी आंदोलन को बचाए जा सके। व्यापक जनता को वर्ग संघर्ष और गुरिल्ला युद्ध में लामबंद करें ताकि प्रतिक्रांतिकारी कगार को विफल किया जा सके।

माओवादियों ने जारी बुकलेट में आगे बताया कि पिछले साल 357 माओवादी मारे गये हैं। इनमें 136 महिलाएँ है। 31 पुरुष कामरेड हैं। इनमें 14 बिहार-छत्तीसगढ़, 23 तेलंगाना, 281 दंडकारण्य, 9 आंध्र उड़ीसा, 8 महाराष्ट्र – मध्य प्रदेश, 20 ओड़िशा, 1 पश्चिमी घाट और एक पंजाब, चार बीमारी के कारण, एक दुर्घटना, 80 फर्जी मुठभेड़ और 269 घेराबंदी हमले में मारे गये।

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माओवादियों ने आगे बताया कि मारे गये शहीदों में पार्टी के महासचिव सहित सीसी के सदस्य, राज्य समिति स्तर के 16, जिला समिति के 23, एसी-पीपीसी के 83, पार्टी के 138 सदस्य, पीएलजी के 17 सदस्य, जन संगठनों के 6 सदस्य और 34 आम नागरिक शहीद हुए है। 36 कामरेडों का विवरण उपलब्ध नहीं है। अधिकांश ‘ऑपरेशन कगार’ युद्ध के दौरान घेराबंदी में मारे गये हैं। माओवादी पार्टी ने मारे गये सभी को श्रद्धांजलि अर्पित की है। साथ ही मारे गये परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की है। (एजेंसियां)
