IPL 2022: ‘नो-बॉल’ विवाद, ऋषभ पंत ने मानी गलती, फिर भी हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई

हैदराबाद: राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच शुक्रवार को वानखेडे स्टेडियम में खेले गये आईपीएल 2022 मैच आखिरी ओवर में हुए हाई टेंपर ड्रामे, अंपायर से उलझने, खिलाड़ियों को वापस बुलाने और मैदान पर कोच प्रवीण अमारे को भेजने को लेकर दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत ने अपनी गलती मान ली। इसके बावजूद उन्होंने हार के लिए अंपायर को कहीं अधिक जिम्मेदार माना। राजस्थान के खिलाफ मिली 15 रनों की हार के बाद बाद उन्होंने कहा कि अगर यहां तीसरी गेंद नो बॉल होती तो मैच का रिजल्ट कुछ और होता।

आखिरी ओवर कर रहे ओबे मैकॉय की तीसरी गेंद को अंपायर द्वारा ‘नो-बॉल’ करार नहीं करने पर पंत अपने खिलाड़ियों को मैदान से बाहर बुलाने लगे। कोच प्रवीण आमरे इशारे से ‘नो-बॉल’ चेक करने को कह रहे थे। इसके चलते कुछ देर तक मैच रूक गया। पंत ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि वे पूरे खेल में अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे। अंत में पॉवेल ने हमें मौका दिया। मुझे लगा कि नो बॉल हमारे लिए कीमती हो सकती है, लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। हां, निराश हूं। इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता।

पंत ने आगे कहा कि तीसरे अंपायर को दखल देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हर कोई निराश था (डगआउट में)। मैदान में सभी ने देखा। मुझे लगता है कि तीसरे अंपायर को हस्तक्षेप करना चाहिए था और कहना चाहिए कि यह नो-बॉल है। उन्होंने कोच प्रवीण आमरे को मैदान पर भेजने को लेकर अपनी गलती स्वीकार की।

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उन्होंने कहा, “जाहिर तौर आमरे को मैदान पर भेजना सही नहीं था। मगर हमारे साथ जो हुआ वह भी सही नहीं है। यह हीट ऑफ द मोमेंट में हुआ। यह दोनों पक्षों की गलती थी और यह निराशाजनक है। क्योंकि हमने टूर्नामेंट में कुछ अच्छी अंपायरिंग देखी है।”

पंत ने कहा, “इतने करीब जाकर हार जाना निराशाजनक है। खासकर जब दूसरी टीम ने 200 रन से अधिक स्कोर बनाया हो। मुझे लगता है कि हम और बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे। मैं साथी खिलाड़ी से कह सकता हूं कि अपना हौसला ऊपर रखें और अगले मैच की तैयारी करें।” पंत भी जानते हैं कि उनकी इस हरकत के लिए बोर्ड अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है।

दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गये मैच के आखिरी ओवर में हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। इस मैच के आखिरी ओवर में ऋषभ पंत मैदानी अंपायरों के एक फैसले से नाराज होकर अपने खिलाड़ियों को मैदान छोड़कर लौटने के लिए कहा है।

दिल्ली कैपिटल्स को यह मैच जीतने के लिए राजस्थान रॉयल्स ने 223 रनों का टारगेट दिया था। दिल्ली कैपिटल्स की टीम यह बड़ा टारगेट हासिल करते हुए कहीं नजर ही नहीं आ रही थी। मगर आखिरी ओवर में कुछ ऐसा हुआ जो किसी ने भी नहीं सोचा।

आखिरी ओवर में जीत के लिए 36 रनों की जरूरत थी। दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल ने राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाज ओबेद मैक्कॉय की पहली तीन गेंदों पर 3 छक्के जड़ दिये। तीसरी गेंद को ‘नो-बॉल’ करार नहीं दिए जाने ऋषभ पंत अपने खिलाड़ियों को मैदान से बाहर बुलाने लगे। इसके चलते कुछ देर तक मैच रुक गया।

पहले लगा कि गेंद बल्लेबाज के कमर के ऊपर नो बॉल है। मगर अंपायर ने इसे नो बॉल नहीं दिया। जिसके बाद अंपायर के फैसले से नाखुश ऋषभ पंत ने हाईवोल्टेज ड्रामा क्रिएट कर दिया। ऋषभ पंत का मानना था कि ऊंचाई के लिए नो बॉल होनी चाहिए थी। ऋषभ पंत ने इसके बाद गुस्से में बल्लेबाजों को मैच बीच में छोड़कर वापस आने के लिए कहा। इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स के अन्य कोचों के दखल के बाद ऋषभ पंत ने मैच आगे बढ़ाने का फैसला किया।

मैच के बाद ऋषभ पंत ने अंपायरों पर अपना गुस्सा निकाला है। ऋषभ पंत ने कहा, “पॉवेल ने हमें अंत तक मैच में बनाये रखा। मुझे लगा कि ये ‘नो बॉल’ हमारे लिए महत्वपूर्ण हो सकती थी। मुझे लगता है कि हम उस नो बॉल को चेक कर सकते थे। लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं था। हां, मैं निराश हूं।” आपको बता दें कि यह मैच राजस्थान रॉयल्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 15 रनों से हरा दिया। (एजेंसियां)

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