मासूम अक्षिता चाहती है पढ़ना-लिखना , मगर चाहिए पढ़ाने वाला…

हैदराबाद: इस फोटो में दिखाई दे रही और पढ़-लिख रही मासूम बच्ची का नाम अक्षिता है। उसका दादा उसके बगल में बैठकर अखबार पढ़ रहा है। यह महानगर के मणिकोंडा में रहते हैं। हाल ही में अक्षिता की मां की मौत हो गई। अक्षिता का पिता उसे अकेला छोड़कर कहीं चला गया।

ऐसा-वैसा करके अक्षिता अपने दादा-दादी के पास पहुंच गई या पहुंचाई गई है। दादी मशीन का काम करती हैं। दादाजी की तबीयत ठीक नहीं है। इसके कारण वह कोई भी काम नहीं कर पाता है। फिर भी दादा और अक्षिता हर रोज माणिकोंडा के स्वर्ण मंदिर के पास आकर बैठते हैं।

[फोटो सोशल मीडिा से साभार]

अक्षिता के दादा को पढ़ना और लिखना आता है। वह अख़बार खरीदकर पढ़ता है। अक्षिता उसके बगल में बैठकर पढ़ती और लिखती रहती है। दादा उसकी पढ़ाई और लिखाई में मदद करता है। वह अपना मुंह खोलकर किसी से कुछ भी नहीं मांगता है। अगर कोई देते हैं तो उसे ले लेता है।

जब कभी कोई उसके पास कुछ देने के लिए आता है तो वह दुखी मन से कहता है कि अक्षिता की पढ़ाई के लिए कोई मदद करता है काफी होता है। एक फोटोग्राफर ने दोनों को मंदिर के पास इस तरह देखा और अपने कैमरा में कैद किया। अगर आप कभी मणिकोंडा के स्वर्ण मंदिर गये तो एक बार अक्षिता के हालचाल के बारे में पूछ सकते हैं। मदद करने की इच्छा हो तो कर भी सकते हैं।

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