हैदराबाद : भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस भव्य रूप से मना रहा है। इस मौके पर कर्तव्य पथ पर देश के विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति की झलक दिखाई जा रही है। इस बार यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह का थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ है।

इसी क्रम में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों और साझा मूल्यों पर ज़ोर दिया। तोबगे ने कहा कि यह अवसर भारत की प्रेरणादायक यात्रा का जश्न मनाता है और भारत-भूटान संबंधों की स्थायी शक्ति को दर्शाता है।
परेड से पहले भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट और यूरोपियन कमीशन के प्रेसिडेंट का ‘ट्रेडिशनल बग्गी’ में आगमन हुआ। जिन्हें प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड एस्कॉर्ट करेंगे। यह भारतीय सेना की सबसे सीनियर रेजिमेंट है। परंपरा के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद 105 एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्रगान हुआ। ये स्वदेशी रूप से विकसित आर्टिलरी हथियार प्रणाली है। 21 तोपों की सलामी 172 फील्ड रेजिमेंट की 1721 सेरेमोनियल बैटरी द्वारा दी गई।
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परेड सुबह 10.30 बजे शुरू होगी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि देंगे। मुख्य आकर्षणों में 21 तोपों की सलामी, विविधता में एकता की थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, Mi-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा फूलों की बारिश और वीरता पुरस्कार विजेताओं का मार्च शामिल है। चार झंडे लेकर एक EU दल भी इसमें हिस्सा लेगा, जिससे कर्तव्य पथ पर होने वाले समारोहों को एक अंतरराष्ट्रीय आयाम मिलेगा। भारतीय सेना की चिनार कोर ने सोशल मीडिया पर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस राष्ट्रीय उत्सव के अवसर पर सभी अफसरों, उनके परिवारों, पूर्व सैनिकों, नागरिक सुरक्षा कर्मचारियों और कश्मीर के लोगों को शुभकामनाएं और बधाई दीं।

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस 2026 की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम’ है, जिसे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने चुना है। यह थीम राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाती है और भारत की सांस्कृतिक यादों और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका को उजागर करती है। ‘वंदे मातरम के 150 साल’ शीर्षक वाली आधिकारिक झांकी भारत के सभ्यतागत मूल्यों, सांस्कृतिक निरंतरता और सामूहिक विरासत को दर्शाने वाले दृश्यों को दिखाएगी। अधिकारियों के अनुसार, परेड में झांकियां ‘भारत की विरासत के चलते-फिरते अभिलेखागार’ के रूप में काम करती हैं, जो ऐसी दृश्य कहानियां पेश करती हैं जो अतीत और वर्तमान को जोड़ती हैं।
हर की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस पर देश की राष्ट्रपति झंडा वंदन करेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 26 जनवरी पर झंडा फहराएंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत में सविधान लागू हुआ था और इस कारण ही हर साल 26 जनवरी को देश का संवैधानिक प्रमुख झंडा वंदन करता है, जो की राष्ट्रपति हैं। वैसे तो 7.13 बजे से लेकर 7.15 तक सूर्योदय का समय माना जाता है, यानी इसके बाद झंडा वंदन किया जा सकता है, लेकिन आमतौर पर 26 जनवरी को 8 बजे से लेकर 9 बजे के बीच में ही झंडा वंदन होता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समारोह का नेतृत्व करेंगी। (एजेंसियां)
77వ గణతంత్ర వేడుకలు
హైదరాబాద్ : భారతదేశ పౌరులకు ప్రధాని మోడీ 77వ గణతంత్ర వేడుకల శుభాకాంక్షలు తెలిపారు. నేడు దేశవ్యాప్తంగా 77 వ గణతంత్ర దినోత్సవ వేడుకలు సోమవారం మిన్నంటాయి. ఈ చారిత్రాత్మక సందర్భాన్ని పురస్కరించుకుని ప్రధాని మోడీ దేశ ప్రజలకు శుభాకాంక్షలు తెలుపుతూ.. ‘ఎక్స్’ (X) వేదికగా ప్రజలకు కీలక పిలుపు నిచ్చారు.
ఆయన తన ట్వీట్లో “ఈ ఉత్సవం మనందరిలో కొత్త శక్తిని, ఉత్సాహాన్ని నింపాలని కోరుకుంటున్నాను. మనమంతా కలిసికట్టుగా ‘వికసిత భారత్’ నిర్మించాలనే సంకల్పాన్ని మరింత బలోపేతం చేద్దాం” అని పేర్కొన్నారు. ప్రధాని మోడీ ఉదయం జాతీయ యుద్ధ స్మారక చిహ్నం వద్ద అమరవీరులకు నివాళులర్పించి వేడుకలను ప్రారంభించారు.
ఢిల్లీలోని కర్తవ్య పథ్లో జరిగిన పరేడ్లో భారత్ తన అజేయమైన సైనిక శక్తిని, సాంస్కృతిక వైవిధ్యాన్ని ప్రపంచానికి చాటి చెప్పింది. ఈ ఏడాది వేడుకల్లో ‘వందేమాతరం’ 150 ఏళ్ల ఉత్సవం ప్రధాన ఇతివృత్తంగా నిలిచింది. ముఖ్యంగా ‘ఆపరేషన్ సిందూర్’లో వినియోగించిన అత్యాధునిక ఆయుధ సంపత్తిని, కొత్తగా ఏర్పాటైన సైనిక విభాగాలను పరేడ్లో ప్రదర్శించారు.
బ్రహ్మోస్, ఆకాష్ క్షిపణి వ్యవస్థలతో పాటు దేశీయ పరిజ్ఞానంతో తయారైన యుద్ధ విమానాలు ప్రత్యేక ఆకర్షణగా నిలిచాయి. ఈ వేడుకలకు యూరోపియన్ కౌన్సిల్ అధ్యక్షుడు ఆంటోనియో కోస్టా, యూరోపియన్ కమిషన్ అధ్యక్షురాలు ఉర్సులా వాన్ డెర్ లేయన్ ముఖ్య అతిథులుగా హాజరయ్యారు. (ఏజెన్సీలు)
