हैदराबाद : केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा महाराष्ट्र राज्य के बुलढाणा जिले के हिंदी अध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए 19 से 30 जनवरी तक 493वाँ नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्घाटन समारोह 19 जनवरी को संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के निदेशक प्रो. सुनील बाबुराव कुळकर्णी की अध्यक्षता में हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के हिंदी विभाग के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. पठान रहीम खान उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम के संयोजक केंद्रीय हिंदी संस्थान, हैदराबाद केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. फत्ताराम नायक, डॉ. दीपेश व्यास, अतिथि प्रवक्ता एवं डॉ. संदीप उपस्थित थे। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा संस्थान गीत का गायन किया गया। अतिथियों के स्वागत में स्वागत गीत प्रस्तुत करके कार्यक्रम की शुरूआत की गई।

अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रो. सुनील बाबुराव कुळकर्णी ने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से व्याकरण, साहित्य, भाषाई ज्ञान को अद्यतन करने का कार्य किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम से आपकी जो अपेक्षाएँ हैं उनको प्रशिक्षक शिक्षकों द्वारा पूर्ण करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। जब आप इस प्रशिक्षण को प्राप्त कर अपने छात्रों के बीच जाएंगे, तो उन्हें भी आप के अंदर एक नई ऊर्जा दिखाई देनी चाहिए।
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मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. पठान रहीम खान ने प्रतिभागी अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी को जितना वेतन मिलता है उतनी ही मेहनत करनी चाहिए। शिक्षक को कभी रुकना नहीं चाहिए, आगे बढ़ना है तो नई-नई चीजे को सीखना है। नई शिक्षा नीति के बारे में जानकारी जुटाकर पढ़ाना चाहिए। जिससे उसका पूरा लाभ विद्यार्थियों को मिल सके। पढ़ाते समय हिंदी के क्या-क्या फायदे होते हैं यह भी बच्चों को बताना चाहिए जिससे उनके अंदर हिंदी के प्रति रुचि पैदा हो सके।
पाठ्यक्रम संयोजक एवं क्षेत्रीय निदेशक डॉ. फत्ताराम नायक ने कहा कि इस प्रशिक्षण में आए हुए सभी अध्यापक इन बारह दिनों में अपनी छात्र जीवन का पुनः अनुभव कर पाएंगे तथा पाठ्यक्रम के दौरान निरंतरता से कक्षा में उपस्थित होकर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का लाभ ले सकेंगे।
इस कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. संदीप कुमार ने किया। इस पाठ्यक्रम में बुलढाणा जिले के हिंदी अध्यापक संगीता शुक्ला, दिनेश आप्रे, किशोर राहाटे, प्रवीन पाटील एवं अन्य हिंदी अध्यापकों ने पाठ्यक्रम से संबंधित जिज्ञासाएँ व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दीपेश व्यास ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस पाठ्यक्रम में तकनीकी सहयोग श्री सजग तिवारी, के. इंद्र एवं शेख मस्तान वली ने दिया। अंत में राष्ट्र गान के साथ उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।
