हैदराबाद: गोशामहल के भाजपा विधायक ठाकुर राजा सिंह के परिवार के सदस्यों ने पुलिस द्वारा पीडी एक्ट के इस्तेमाल को चुनौती देते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। राजा सिंह की पत्नी उषाबाई ने पीडी एक्ट को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में राजा सिंह के खिलाफ हैदराबाद पुलिस की ओर से दर्ज पीडी एक्ट को हटाने और उन्हें जमानत देने की अपील की है।
हाई कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलहाट स्टेशन के हाउस ऑफिसर (एसएचओ) को नोटिस जारी किया है। राजा सिंह के खिलाफ पीडी एक्ट दर्ज कराने के मामले में काउंटर दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आगे की सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है।
आपको बता दें कि इस साल 19 फरवरी को मंगलहाट थाने में दर्ज एक मामले के आधार पर 25 अगस्त को गोशामहल विधायक राजा सिंह के खिलाफ पीडी एक्ट लागू किया गया। इसके बाद राजा सिंह को गिरफ्तार कर चेरलापल्ली जेल भेज दिया गया।
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तेलंगाना में यह पहली बार था कि जब किसी विधायक के खिलाफ पीडी एक्ट लागू किया गया। तब से यह चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने खुलासा किया कि 2004 से विधायक राजा सिंह के खिलाफ कुल 101 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। कुल 101 मामलों में से 18 सांप्रदायिक मामले हैं।
इसी क्र में 22 अगस्त को ‘श्री राम चैनल तेलंगाना’ में पैगंबर मुहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले राजा सिंह के खिलाफ पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने का मामला दर्ज किया। इसी संदर्भ में राजा सिंह के खिलाफ पीडी एक्ट लागू किया गया। इसी क्रम में अनेक हिंदू संगठन राजा सिंह के समर्थन में जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन कर रहे है और उनके तुरंत रिहा करने की मांग कर रहे हैं।
