हैदराबाद : साहित्य अर्चन मंच, नागपुर द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मलेन के सभागार में संपन्न हुआ। डॉ रमा द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि डॉ वेद प्रकाश मिश्रा, पूर्व कुलपति, श्री कृष्णा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय कराड, अध्यक्ष डॉ गोविन्द प्रसाद उपाध्याय ,विशिष्ट अतिथि डॉ प्रमोद गिरी (संचालक न्यूरो हॉस्पिटल) गीता मंदिर के अध्यक्ष स्वामी निर्मलानंद महाराज एवं सचिव नरेंद्र परिहार मंचासीन हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ एवं सरस्वती वंदना वरिष्ठ कवयित्री सुधा काशिव ने प्रस्तुत की। सभी अतिथियों का सम्मान शॉल, स्मृति चिन्ह पुष्पगुच्छ से किया गया। प्रमुख अतिथि कुलपति डॉ वेद प्रकाश मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा, ”साहित्य के बिना समाज, संस्कृति और राष्ट्र की सभ्यता निर्जीव है। साहित्य में चिरंतन सोच की आवश्यकता है।” उन्होंने अपनी माता जी के नाम से 5100 /- का पुरस्कार देने की घोषणा की। देशभर से पधारे हुए साहित्यकारों को बधाई एवं धन्यवाद दिया। निर्मलानंद महाराज ने सभी सम्मानित साहित्यकारों को आशीर्वाद दिया।
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डॉ गिरी ने कहा, “साहित्य के बिना सभ्यता -संस्कृति शून्य है।उन्होंने अपने माता-पिता के नाम से 51000 रुपये पुरस्कार दिया जाएगा।” अध्यक्ष डॉ उपाध्याय ने साहित्यकार और साहित्य प्रेमियों को सम्बोधिन में डॉ राजेंद्र मालोकर, डॉ आभा सिंह और डॉ मधुलिका व्यास निर्णनायकों के मूल्यांकन की सराहना की। बिहार , दिल्ली , भोपाल , हैदराबाद , बंगलौर , केरला , मुंबई , राजस्थान , गुजरात , उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश से विविध विधाओं पर प्राप्त 163 कृतियों में से 25 साहित्यकारों को पुरस्कृत किया गया । पांच हजार रूपये के 5 विशिष्ट सम्मान के अंतर्गत ‘पावन परम्परा सम्मान 2025’ स्वामी निर्मलानंद महाराज , ‘नागपुर रत्न सम्मान 2025’ डॉ वेदप्रकाश मिश्रा,हर्ष वर्धन आर्य को ‘श्री उमेश चौबे स्मृति सम्मान 2025′ को , कथा शिरोमणि सम्मान 2025’ डॉ कृष्णा श्रीवास्तव को, ‘डॉ हरभजन सिंह हंसपाल स्मृति सम्मान 2025’ सतीश चंद्र श्रीवास्तव को 5000 रुपये एवं 20 सम्मान 20 साहित्यकारों को 2100 रुपए के प्रदान किये गए।
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डॉ रमा द्विवेदी को ”श्री अशोक कुमार शुक्ला स्मृति सम्मान-2025” धनराशि 2100 सौ रुपए ,शॉल,स्मृति चिन्ह , प्रशस्ति पत्र एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके कहानी संग्रह ”खंडित यक्षिणी” को प्रदान किया गया है। इसकी प्रायोजक श्रीमती मधु शुक्ला हैं। सचिव नरेंद्र परिहार के कुशल संयोजन में भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारी संख्या में नगर के साहित्यकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सञ्चालन अतुल त्रिवेदी , तेजवीर , टीकाराम , कल्पेश उपाध्याय , श्रीमती माधुरी मिश्रा ने किया तथा जयराम दुबे के आभार प्रदर्शन से कार्यक्रम समाप्त हुआ।
