मेडारम जातरा हुंडियों की गिनती में मिले नोटों के बंडल, मंगलसूत्र, डॉलर और…

मेडारम जातरा की हुंडियों में चढ़ाये गये भेंट की गिनती गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी है। भक्तों ने अपनी-अपनी इच्छानुसार भेंट चढ़ाया हैं। श्रद्धालुओं ने 5 10, 20, 50, 100, 500, 2,000 रुपये के नोटों को हुंडी में डाले। कुछ भक्तों ने बिना सील खोले 100 और 200 रुपये नोटों के बंडल हुंडियों में डाले। कुछ श्रद्धालुओं ने तो सोने के मंगलसूत्र, चूड़ियां, चांदी और सोने की कुंकुम भरणी, देवी-देवताओं की मूर्तियां, कंगन, पालने और कोबरा सांप के आकार के मूर्तियों को भेंट चढ़ाये। विदेशी भक्तों ने डॉलर अर्पित किये।

हैदराबाद : मेडारम सम्मक्का सारलम्मा जातरा की हुंडियों में डाले गये उपहारों की गिनती बुधवार से शुरू हो गई। हनुमाकोंडा पब्लिक गार्डन के सामने स्थित टीटीडी कल्याण मंडपम में कड़े बंदोबस्त के बीच अधिकारियों ने नारियल फो़ड़कर गिनती शुरू कर दिया। सुबह 8 से शाम 6 बजे तक गिनती की गई। पहले दिन 1,34,60,000 रुपये आये। इसी क्रम जातरा में डिजिटल हुंडी भी लगाई गई थी। इनमें 816 श्रद्धालुओं ने क्यूआर कोड, फोन पे और गूगल पे के जरिए 3 लाख 4 हजार रुपये ट्रांसफर किये। मुलुगु जिलाधीश कृष्ण आदित्य ने हुंडी गिनती प्रक्रिया का जायजा लिया।

पहले दिन खोल गये 65 हुंडियां

मेडारम जातरा में कुल 497 हुंडियों को स्थापित किये गये थे। इनमें 450 लोहे बॉक्स, 44 कपड़े के डिब्बे और 3 चावल उपहार हुंडियां शामिल हैं। बुधवार को 65 हुंडियों को खोला गया। गिनती के दौरान कुछ लोग शादी की दावतों में जैसे बैठे गये तो कुछ लोग नीचे बैठकर नोटों की गिनती की। ये सब 50, 100, 200, 500, 2000 रुपये के नोटों के बंडलों को बांधे। नोटों की तेज गिनती करने के लिए यूनियन और एचडीएफसी बैंकों के सहयोग से मनी काउंटिंग मशीनें मंगवाई गई। हुंडी की रकम को समय-समय पर धर्मस्व विभाग के खाते में जमा किया गया। सोने-चांदी के आभूषण अलग-अलग बक्सों में रखे गये। एक टीम ने हल्दी और कुंकुम लगे नोटों को साफ किया, जबकि दूसरी टीम ने हुंडियों में चावल और खुदरा पैसों को अलग किया।

केवल लुंगी और बनियन

भक्तों द्वारा भेंट चढ़ाये गये उपहारों की गिनती के लिए धर्मस्व विभाग के 200 कर्मचारी के साथ 600 से 1000 स्वयंसेवी संगठन के कार्यकर्ताओं को नियुक्त किया। पहले दिन की गिनती में सिर्फ 300 लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें से 100 लोग महबूबाबाद स्थित श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर सेवा समिति से आये। महिलाएं साड़ियों तथा पुरुषों को लुंगी-बनियन पर हॉल में प्रवेश की अनुमति दी गई। किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए पूरे गिनती हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये।

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