हैदराबाद: अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान के गलत इस्तेमाल और फंड के गोलमाल के मामले में एक हड़कंप करने का मामला सामने आया। अयोध्या पुलिस ने ट्रस्ट के फंड की हेराफेरी के आरोप में आठ और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है। रमाशंकर यादव उर्फ टीनू, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा और अविनाश शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी, क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी और ब्रीच ऑफ ट्रस्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं।
ये कदम श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत और इस मामले में बनी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाए गए। पुलिस ने इंडियन पीनल कोड की धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) के तहत केस दर्ज किया है और जांच कर रही है। 19 जून को, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि SIT जांच पूरी हो गई है और जल्द ही “सच सामने आएगा”। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से भी कहा कि जांच पूरी होने तक बेबुनियाद कमेंट न करें।
दूसरी ओर, विपक्षी पार्टियां इस FIR के दर्ज होने से बेहद नाराज हैं। समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने ‘X’ प्लेटफॉर्म पर रिएक्शन देते हुए इसे बीजेपी सरकार में अन्याय की पराकाष्ठा बताया। अखिलेश ने आरोप लगाया, “छोटी मछलियों की बलि देकर बड़े लोगों को बचाने के लिए यह ड्रामा किया जा रहा है। पहले SIT के नाम पर सभी अहम सबूत मिटा दिए गए, पहले से स्क्रिप्ट तैयार की गई कि किसे बचाना है और किसे फंसाना है, और उसके बाद ही यह FIR दर्ज की गई। उन्होंने जांच से पहले ही यहां नतीजा लिख दिया।”
यह भी पढ़ें-
आपको बता दें कि अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुयों की ओर से दान में दिये गये हजारों करोड़ रुपये का गोलमाल (चोरी) हुआ। इसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में सबूत के तौर पर प्रसारित और प्रकाशित किय गये और किये जा रहे हैं। इसके अलावा एक समय हवाई चप्पल भी नसीब नहीं होने वाले अयोध्या राम मंदिर के कर्मचारी के पास इस समय करोड़ों की संपत्ति है। इतना ही नहीं, जब से राम मंदिर निर्माण को लेकर एकत्रित किये गये धन का कोई हिसाब किताब नहीं है। आरोप है कि अयोध्या राम मंदिर के नाम पर करोड़ रुपये की लूट हुई हैं।
