हैदराबाद : यादाद्री भुवनगिरी जिले में सनसनी फैलाने वाले जोगिनी राल्लाबंडा सुधाकर स्वामी हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लिया। भरोसेमंद शिष्य बन कर रहने के साथ पक्की साजिश से उसकी हत्या कर घर में मौजूद सोना, चांदी और नकदी ले कर फरार हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान भारी मात्रा में कीमती सामान बरामद किया।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से करीब 1,319 ग्राम सोना, 3.6 किलो चांदी, 9 लाख रुपये नकदी के साथ सुधाकर स्वामी की कार बरामद की। अधिकारियों ने बरामद संपत्ति की कीमत करीब 1.72 करोड़ रुपये बताई। जोगिनी सुधाकर की हत्या करने के बाद आरोपी उसकी कार ले गए। पुलिस ने बताया कि यह कार ही आरोपियों को गिरफ्तार करने में काम आया।

यादाद्री भुवनगिरी जिला संस्थान नारायणपुर मंडल पुट्टपाका में रहने वाले राल्लाबंडा सुधाकर स्वामी (45) चौटुप्पल के मारकंडेय नगर में रहते थे। वे जोगिनी और शिवसत्तु के रूप में काम करते हुए गांवों में एल्लम्मा और मुत्यालम्मा त्योहारों के मौके पर पूजा करते थे। त्योहारों के समय पुजारी के रूप में सेवा देने के साथ भविष्यवाणी भी करते थे। उनकी शादी नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि रिश्तेदारों के दो बच्चों को गोद लिया था।
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सुधाकर स्वामी को असम के कामाख्या मंदिर जाने की आदत थी। करीब 2 साल पहले वहां पर समय पवन नामक व्यक्ति से पहचान हुई। उस पहचान से पवन कई बार चौटुप्पल आता-जाता था बताया। पता चला है कि बाद में हर्षु नामक एक और व्यक्ति के साथ सुधाकर स्वामी के पास आया। पुलिस की जांच में सामने आया कि ये दोनों उनके परिचित और शिष्य बन कर रहते हुए भरोसा जीत लिया।
इसी क्रम में 31 अक्टूबर रात आरोपी सुधाकर स्वामी के घर गए। उस समय उनके भांजे गुर्रम सुरेश ने रात 11 बजे फोन किया तो असम से पवन और हर्षु आए हैं। सुधाकर स्वामी ने कहा कि उनसे बात कर रहा हूं। हालांकि आधी रात के बाद हालात अचानक बदल गए। आधी रात के बाद करीब 1.30 बजे सुधाकर स्वामी के फोन से उनके भांजे सुरेश को हिंदी भाषा में व्हाट्सएप मैसेज गए। इससे शक होने पर सुरेश घर पर गया। वहां कार न दिखना, घर के दरवाजे खुले होने से तुरंत 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस वहां पहुंच कर घर में देखा तो पहली मंजिल पर पलंग पर सुधाकर स्वामी का शव पाया गया।
पुलिस के मुताबिक.. आरोपियों ने उनके हाथ-पैर बांध कर, पेपर स्प्रे इस्तेमाल कर, गला घोंट कर, चाकू से हमला कर हत्या की। बाद में घर में मौजूद सोने के गहने, चांदी के सामान, नकदी ले कर सुधाकर स्वामी की कार में ही फरार हो गए। सुधाकर को मारने के बाद आरोपी सुधाकर स्वामी की कार में ही गहनों के साथ फरार हुए। हालांकि कार में मौजूद जीपीएस और फास्टैग से टोल शुल्क चुकाए नोटिफिकेशन पुलिस के लिए अहम सबूत बने। कार किस रास्ते जा रही है इसका विवरण जुटा कर पुलिस ने दूसरे इलाकों की पुलिस को सतर्क किया। इसी क्रम में निर्मल इलाके में गई कार के साथ आरोपियों को गिरफ्तrर किया।
पवन और हर्षु उर्फ हर्षित को हिरासत में लेने वाली पुलिस ने उनके पास से 1,319 ग्राम सोना, 3.6 किलो चांदी, 9 लाख रुपये नकदी और कार बरामद की। उसके बाद उन दो आरोपियों को यादाद्री भुवनगिरी जिला पुलिस को सौंप कर जांच शुरू कर दी। पुलिस को पता चला कि सुधाकर स्वामी के परिचित लोग ही इस हत्या में शामिल हैं। इस घटना में हड़कंप मचा गया। उनके घर में कीमती सोना, चांदी और नकदी है यह बात जानने वाले आरोपियों ने पहले से योजना बना कर इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ करते हुए हत्या से जुड़ा पूरा विवरण, लूटी गई संपत्ति की पूरी रकम और अन्य सबूतों पर पुलिस जांच कर रही है।
