हैदराबाद: तेलंगाना में योग्य हर एक को वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए विशेष कार्य योजना शुरू की है। तेलंगाना मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) सी. सुदर्शन रेड्डी ने यह जानकारी दी। इसके तहत इस महीने की 15 व 16 तारीखों को तेलंगाना में सभी पोलिंग स्टेशनों पर विशेष अभियान आयोजित करने की घोषणा की। सुझाव दिया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम न होने वाले योग्य युवक-युवतियां तय केंद्रों पर जाकर फॉर्म-6 के जरिए आवेदन करें।
इन कैंपों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) अनिवार्य रूप से भाग लें। इसके लिए कदम उठाने के लिए GHMC कमिश्नर, हैदराबाद DEO के साथ राज्य के कलेक्टर, DEO एवं ERO को आदेश दिया। CEO ने स्पष्ट किया मैदानी स्तर पर व्यापक प्रचार करके, योग्य कोई भी नागरिक वोट के हक से वंचित न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाये।
गायब वोटरों के लिए घर-घर री-वेरिफिकेशन
SIR प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से गायब नामों के री-वेरिफिकेशन के लिए विशेष ड्राइव शुरू करने के लिए CEO ने तंत्र को स्पष्ट आदेश दिए। SIR से पहले, उसके बाद मौजूद लिस्टों को BLO मिलाकर देखें, हटाए गए वोटरों (ASDD: Absent, Shifted, Dead, Duplicate) की लिस्ट तैयार करें। आदेश दिया कि इस लिस्ट के आधार पर BLO सीधे घर-घर जाकर योग्य लोगों को पहचानें और उनसे फॉर्म-6 आवेदन भरे।
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स्पष्ट किया कि BLO हफ्ते में कम से कम 20 से 25 वोटरों की जांच करते हुए महीने भर में यह री-वेरिफिकेशन पूरा किया जाये। दूसरी ओर बेघर, नाइट शेल्टर में रहने वाले और लेबर कॉलोनियों के मजदूरों के लिए विशेष कैंप लगाकर वोटर कार्ड दें। शिक्षण संस्थानों में प्रचार के साथ सोशल मीडिया में रोज 200 पोस्ट के लक्ष्य के साथ प्रचार योजना अमल में लाने के लिए आदेश दिया।
फॉर्म-7 आवेदनों पर चुनाव आयोग की पाबंदियां
दूसरों के वोटों को अवैध रूप से हटाने के लिए कुछ लोग सामूहिक रूप से फॉर्म-7 आवेदन जमा कर रहे हैं, इस पर चुनाव आयोग सीरियस हुआ। ऐसे हटाने पर रोक लगाने के लिए एक-एक वोटर के फॉर्म-7 आपत्तियों पर EC ने पाबंदियां लगाईं। आदेश दिया कि क्लेम और आपत्तियों की अवधि पूरी में एक व्यक्ति अधिकतम 10 ही फॉर्म-7 आवेदन जमा करने की अनुमति रहेगी, निरंतर संशोधन समय में महीने में 5 आवेदनों तक ही सीमित करना चाहिए।
राजनीतिक दलों के BLA ड्राफ्ट पब्लिकेशन से पहले दिन में अधिकतम 50, उसके बाद दिन में 10 से ज्यादा नहीं देना चाहिए। आदेश दिया कि एक ही व्यक्ति पांच से ज्यादा आपत्तियां बताए तो ERO खुद क्रॉस वेरिफिकेशन करे और जांच करे। बताया कि ओरिजिनल हस्ताक्षर न होने पर भी, स्टांप लगाने पर भी वह आवेदन मान्य नहीं हैं। चेतावनी दी कि जानबूझकर गलत विवरणों के साथ वोट हटाने के लिए आवेदन करने पर क्रिमिनल केस लगाकर जेल भेजेंगे।
ग्रेजुएट फॉर्म-18 को आसानी से खारिज न करें
महबूबनगर-रंगारेड्डी-हैदराबाद और वारंगल-खम्मम-नलगोंडा ग्रेजुएट MLC निर्वाचन क्षेत्रों की वोटर लिस्ट तैयारी पर CEO सुदर्शन रेड्डी ने स्पष्टता दी है। उन्होंने कहा कि 2026 नवंबर 1 योग्यता तारीख के रूप में इन दो निर्वाचन क्षेत्रों में नई वोटर लिस्ट पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। वहीं ग्रेजुएट वोटरों के रूप में पंजीकरण के लिए फॉर्म-18 जमा करते समय अधिकारी EPIC (साधारण वोटर पहचान पत्र) नंबर, विवरण देना चाहिए, ऐसा दबाव डाल रहे हैं, ऐसा हमारे ध्यान में आया है। स्पष्ट किया कि चुनाव नियमों के अनुसार स्नातक वोटर पंजीकरण के लिए EPIC नंबर देना अनिवार्य नहीं है। EPIC कार्ड विवरण नहीं हैं, इस एकमात्र कारण से फॉर्म-18 आवेदनों को किसी भी हालत में खारिज नहीं किया जा सकता।
