हैदराबाद: दिल्ली की सड़कें जन सैलाब जैसी बन गई हैं। वोट चोर.. गद्दी छोड़.. ज्ञानेश कुमार इस्तीफा के नारों से दिल्ली गूंज उठा हैं। कनॉट से सुप्रीम कोर्ट की ओर डेमोक्रेसी मार्च में इंडिया गठबंधन नेता हाथ से हाथ मिलाते हुए उम्मीद से ज्यादा जोश में चलता रहा है।

अक्टूबर 12 को डेमोक्रेसी मार्च नाम से इंडिया गठबंधन की चलो सुप्रीम कोर्ट रैली का राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आगे से नेतृत्व किया हैं। कदम-कदम पर कार्यकर्ताओं को सलाह देते हुए आगे रहकर मार्च को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा हैं। राहुल व प्रियंका के साथ नेहा बोरा मार्च में शामिल हुईं। मंडी हाउस, बाराखंबा रोड के पास तिल रखने की जगह न हो इतनी भीड़ के साथ मार्च आगे बढ़ा।

गठबंधन रैली में तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी, समाजवादी पार्टी और वामपंथी पार्टियां शामिल हुईं। प्रमुख नेताओं के साथ पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। एसपी चीफ अखिलेश यादव रैली में शामिल हुए। भगवान दास रोड के पास विरोध में जॉइन हुए। उसी तरह कांग्रेस शासित राज्यों के सीएम रेवंत रेड्डी, डीके शिवकुमार, सुखविंदर सिंह, वीडी सतीशन और मंत्री शामिल हुए।

राष्ट्रीय झंडों के साथ और कांग्रेस के साथ विभिन्न पार्टियों के झंडों के साथ कार्यकर्ता चलते रहे। उसी तरह SIR प्रक्रिया की गड़बड़ियों पर प्लेकार्ड दिखाते हुए आगे बढ़े। वोट चोर हट जाओ नारों से बाराखंबा रोड गूंज उठा हैं। CEC ज्ञानेश इस्तीफा दें मांग के साथ इंडिया गठबंधन नेता और कार्यकर्ता आगे बढ़े हैं।

दूसरी ओर राहुल गांधी रैली में होने से उनकी लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट पहुंची और याचिका दायर करने के लिए समय बढ़ाने की अपील की। हालांकि राहुल गांधी रैली में होने के कारण उनकी लीगल टीम ने याचिका दाखिल किया।
