हैदराबाद : नल्लाकुंटा स्थित हिंदी महाविद्यालय में 10 अक्टूबर को कॉलेज परिसर में 11वां दीक्षांत समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। समारोह की शुरुआत प्रबंधन समिति के सदस्यों, प्राचार्य, मुख्य अतिथि, सम्मानित अतिथि और छात्रों के स्वागत से हुई। स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र स्नातक ऑडिटोरियम में अपनी-अपनी उपाधि लेने के लिए एकत्रित हुए।


कार्यक्रम की शुरुआत समारोह के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद प्रार्थना गीत और वंदे मातरम गाया गया। सभा का स्वागत संबोधन सचिव शील कुमार जैन ने किया। प्राचार्य डॉ. बाला कुमार ने अतीत से वर्तमान तक कॉलेज के विकास और उल्लेखनीय उपलब्धियों का वर्णन करते हुए सभा को संबोधित किया। प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मुख्य अतिथि जयेश रंजन (आईएएस), सम्मानित अतिथि वरिष्ठ प्रो. बी. सुधाकर रेड्डी, परीक्षा नियंत्रक, ओयू और अजित रंगनेकर, पूर्व डीन (आईएसबी), हैदराबाद को सम्मानित किया।


मुख्य अतिथि जयेश रंजन ने तकनीकी विकास, कौशल और नेतृत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सभा को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान तेलंगाना सरकार ध्यान केंद्रित कर रही है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विचारों को बढ़ावा देते हुए छात्रों को एमएसएमई उद्योगों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।


उस्मानिया विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. बी सुधाकर रेड्डी ने छात्रों को अपने भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए खुद को प्रेरित करके, अपनी संचार क्षमताओं को विकसित करके अपने कौशल को विकसित करने की सलाह दी।
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पूर्व डीन (आईएसबी) अजित रंगनेकर ने अपनी बात के दौरान छात्रों को हमेशा अपने माता-पिता, शिक्षकों का सम्मान करने और सार्थक जीवन बनाने के लिए उनके संपर्क में रहने की सलाह दी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल एक यूजी या पीजी पर्याप्त नहीं होगा और किसी को भी किसी भी स्तर पर सीखना बंद नहीं करना चाहिए और यह एक निरंतर प्रक्रिया होनी चाहिए क्योंकि भविष्य में तकनीकी विकास होने वाला है।


सफल छात्रों को मुख्य अतिथि और सम्मानित अतिथि द्वारा स्वर्ण और रजत पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें बीए प्रोग्राम में 2019 बैच के दोंतुलवार सविता को स्वर्ण पदक और परवेज आलम को रजत पदक, 2020 बैच के महेंद्र सिंह को स्वर्ण और लता को रजत पदक और 2021 बैच के आनंद कुमार और गायकवाड़ भूमिका सुभाष को रजत पदक प्रदान किया गया।


इसी क्रम में बीबीए प्रोग्राम में 2019 बैच के पी. अमूल्या को स्वर्ण और पट्लोल्ला रोहिणी को रजत, 2020 बैच के कंदाडी राहुल रेड्डी को स्वर्ण और पुत्रेवी कार्तिक को रजत, 2021 बैच के आशुतोष दुबे को स्वर्ण और विजय कुमार को रजत तथा 2022 बैच के वनमाला महती को स्वर्ण और माशेट्टी दीक्षिता को रजत पदक मिला है।


इसी तरह बीकॉम प्रोग्राम में 2019 बैच के मर्री गायत्री को स्वर्ण और ए मौणिका को रजत, 2020 बैच के अमगोत प्रवीण को स्वर्ण और आकांक्षा मौर्या को रजत, 2021 बैच के नांगी अखिला को स्वर्ण और डिचपल्ली सुप्रिया को रजत तथा 202 बैच के कुरपति उमा माहेश्वरी को स्वर्ण और नम्रता मेहता को रजत पदक हासिल हुआ।


साथ ही बीएससी प्रोग्रामें 2029 बैच के चंकापुरे मीनाक्षी को स्वर्ण और के. एन. श्रावणी को रजत पदक, 2020 बैच के गंडिकोटा सार्धिका को स्वर्ण और रविकंटी वैष्णवी को रजत, 2021 बैच के गोका वीएनएस निखिता मोल्या को स्वर्ण और हरि ओम पांडे को रजत तथा 2022 बैच के गोडा प्रीति को स्वर्ण और पंजाला सिरिवर्षिणी को रजत पदक से अलंकृत किया गया।


इसके अलावा अन्य सभी छात्रों को भी मंच पर प्रत्येक विभाग की ओर डिग्री प्रमाण पत्र जारी किए गए। डॉ. श्रीदेवी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।
















