क्या आपको याद हैं हैदराबाद की सड़कों पर कभी धूम मचाने वाली डबल डेकर बसें? खासकर बचपन में जू-पार्क जाते समय डबल डेकर बस दिख जाए तो उसमें चढ़ने के लिए बच्चे होड़ लगाते थे। अब उन यादों को एक बार फिर ताजा करने के लिए हैदराबाद में डबल डेकर बसें आने वाली हैं। लेकिन ये वो आम बसें नहीं हैं जो हमने तब देखी थीं। शहर के पर्यटन को ध्यान में रखते हुए ओपन टॉप इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसें लाने के लिए तेलंगाना पर्यटन विकास निगम (TGTDC) तैयारी कर रहा है।
हैदराबाद शहर की ऐतिहासिक इमारतों, आधुनिक निर्माणों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को एक ही सफर में देखने का मौका देने के लिए दो नई इलेक्ट्रिक ओपन टॉप डबल डेकर बसें लाने का पर्यटन विभाग ने फैसला किया है। इसके लिए योग्य संस्थाओं से हाल ही में प्रस्ताव और बोलियां मंगाई गई हैं। पर्यटन अधिकारी बता रहे हैं कि कुछ संस्थाओं ने पहले ही आवेदन जमा किए हैं। इन बसों की खासियत उनके ऊपरी हिस्से में ही होगी। अपर डेक पूरी तरह ओपन टॉप रहेगा।
यानी यात्री ऊपरी मंजिल पर बैठकर बिना किसी छत की रुकावट के शहर के नजारों को देख सकेंगे। सड़क किनारे दिखने वाली ऐतिहासिक इमारतों, विरासत स्थलों और आधुनिक स्काईलाइन को और करीब से महसूस करने में यह मदद करेगा। ऊपरी मंजिल ओपन होने के बावजूद मौसम की स्थिति के लिए एक और विकल्प भी रहेगा। लोअर डेक को पूरी तरह एसी केबिन के रूप में बनाया जाएगा। धूप हो या बारिश हो रही हो तो यात्री नीचे के हिस्से में आराम से सफर कर सकेंगे।
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पर्यटकों को शहर के इतिहास, प्रमुख इलाकों की खासियतें बताने के लिए विशेष गाइड व्यवस्था भी की जाएगी। माइक्रोफोन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्पीकर्स के साथ यात्रियों को जानकारी देने के लिए बसों को तैयार किया जा रहा है। नई डबल डेकर बसों में आधुनिक सुविधाओं को भी अहमियत दी जा रही है। यात्रियों के मोबाइल फोन के लिए USB चार्जिंग पॉइंट, रात में आकर्षक दिखने के लिए LED लाइटिंग, सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे और GPS जैसी सुविधाएं लगाई जाएंगी।
यानी ये ओपन टॉप डबल डेकर बस सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाली बस ही नहीं, बल्कि हैदराबाद शहर को एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर अनुभव कराने के लिए बनाई जा रही खास पर्यटन वाहन होगी। नई 2 ओपन टॉप बसों को लाने के साथ-साथ फिलहाल HMDA के पास मौजूद छह इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसों को भी पर्यटन विभाग के दायरे में लाने की कोशिशें हो रही हैं।
इस बारे में HMDA को पत्र लिखा गया कि बसों के ट्रांसफर पर अधिकारी सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गए हैं। इन बसों को नेकलेस रोड, टैंक बंड, गोलकुंडा, हाईटेक सिटी, वेवरॉक जैसे इलाकों को जोड़ते हुए पर्यटन मार्गों पर चलाने की अधिकारियों द्वारा योजना बनाई जा रही है। इससे हैदराबाद आने वाले टूरिस्ट एक ही बस में शहर के ऐतिहासिक, आधुनिक इलाकों को देख सकेंगे।
हैदराबाद में इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसों के आने की एक और पृष्ठभूमि है। 2023 में हैदराबाद में हुई फॉर्मूला E रेस के दौरान HMDA ने छह इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसें खरीदी थीं। इसके लिए करीब 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए। एक बस की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि ये बसें एक बार चार्ज करने पर करीब 150 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम हैं। अब इन्हें पर्यटन जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाए तो शहर के पर्यटन के लिए एक और आकर्षण बनने की संभावना है।
हैदराबाद का डबल डेकर बसों से नाता अभी का नहीं है। निजाम के जमाने से ही शहर में डबल डेकर बसें चलने का इतिहास है। इतिहास बताता है कि 1946 में इंग्लैंड से एल्बियन CX19 मॉडल की बसें लाकर हैदराबाद ऑलविन संस्था में असेंबल किया गया। समय के साथ रखरखाव खर्च बढ़ना, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता कम होना जैसे कारणों से इन बसों की सेवाएं धीरे-धीरे कम हो गईं। आखिरकार 2003 तक हैदराबाद की सड़कों पर डबल डेकर बसों की सेवाएं पूरी तरह बंद हो गईं।
अब लगभग 2 दशक बाद वही डबल डेकर कॉन्सेप्ट आधुनिक रूप में वापस आ रहा है। लेकिन इस बार बच्चों के स्कूल या जू-पार्क जाने के लिए चढ़ने वाली बस नहीं, बल्कि ऊपरी मंजिल पर बैठकर हैदराबाद शहर का आनंद लेने वाली टूरिस्ट बस होगी। ओपन टॉप, इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी, एसी डेक और गाइड सिस्टम के साथ आ रही ये बसें शहर के पर्यटन को एक नया अनुभव देने वाली हैं।
