हैदराबाद: माता-पिता की परवरिश में कमी की वजह से 2 नाबालिग सगे भाई महज 12 साल की उम्र में ही पुलिस रिकॉर्ड में आ गए। और वो भी चोरी के मामले में, जिससे पुलिस भी हैरान है। हैदराबाद के अलवाल और वेंकटापुरम इलाके में इस महीने की 17 तारीख को दोपहर करीब 11 बजे गणेश चंदा के लिए 2 नाबालिग एक घर गए थे। लेकिन उस घर में ताला लगा था। मेन डोर के पास वाली खिड़की पर घर की मालकिन ने चाबी रखकर मंदिर चली गई थी। चंदा मांगने गए नाबालिगों को खिड़की पर चाबी मिल गई। उसी चाबी से उन्होंने मेन डोर खोलकर अंदर प्रवेश किया। बेडरूम में अलमारी की चाबी भी वहीं रखी थी। नाबालिगों ने उसे खोलकर लॉकर में रखे 8 हजार रुपये नकद देखे।

वो पैसे लेकर बाहर आए और पहले की तरह ताला लगाकर चाबी खिड़की पर रखकर चले गए। इसी बीच मालकिन घर आई और हमेशा की तरह ताला खोलकर अंदर गई। लेकिन बेडरूम में सामान बिखरा हुआ देखकर उसे शक हुआ। अलमारी का लॉकर चेक किया तो पैसे गायब थे। तुरंत उसने अलवाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। घर पर ताला लगा था और अंदर चोरी हुई है, इस शिकायत पर पुलिस पहले थोड़ी उलझन में पड़ गई। CCS पुलिस ने मामले में उतरकर CCTV कैमरों और अन्य तकनीक की मदद से नाबालिगों द्वारा चोरी किए जाने की पुष्टि की। इसके बाद अलवाल पुलिस ने नाबालिगों के माता-पिता को नोटिस जारी किया और केस जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत दर्ज किया।
माता-पिता से पूछताछ में पता चला कि बच्चों ने कहा था कि उन्हें सड़क पर पैसे मिले हैं इसलिए लेकर आए हैं। नाबालिगों के पिता के शराबी होने और मां द्वारा भी बच्चों पर ध्यान न देने के कारण 12 साल के नाबालिग गलत रास्ते पर चले गए, ऐसा पुलिस ने पाया। कुछ दिन पहले भी इन्हीं नाबालिगों ने दूसरे इलाके में चोरी की थी, लेकिन छोटे बच्चे होने के कारण उन्हें डांटकर छोड़ दिया गया था। चोरी करके ले गए नाबालिगों ने पास में रखे लगभग 20 तोले से ज्यादा सोने के गहने नहीं देखे, ये बात पीड़िता और पुलिस दोनों के लिए राहत की बात रही। जांच में पता चला कि चोरी के पैसे लेकर नाबालिग अपने माता-पिता के साथ अपने पैतृक गांव चले गए थे और वहां पैसे खर्च कर दिए थे।
