हैदराबाद: तेलंगाना में खाद्य मिलावट सबसे बड़ी समस्या बन गई है। रसोई के सामान से लेकर बच्चों के खाने वाले चॉकलेट, बिस्किट तक हर चीज में मिलावट कर कुछ दरिंदे, नालायक, बेवकुफ जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में मिलावट को पूरी तरह से खत्म करने के लिए तेलंगाना सरकार ने रणनीतिक कार्य योजना शुरू की है। खाद्य मिलावट पर नियंत्रण के लिए सरकार नए विशेष विभाग या विंग के गठन की तैयारी कर रही है। इस संबंध में राज्य सरकार के मुख्य सचिव संजय जाजू और डीजीपी सीवी आनंद के साथ कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अहम फैसला लिया गया।
वर्तमान में अलग-अलग चल रहे फूड सेफ्टी और ड्रग कंट्रोल विभागों को एक ही छत के नीचे लाया जाएगा। इन दोनों महत्वपूर्ण विभागों को मिलाकर बनने वाले इस नए सुपर विभाग का नेतृत्व एक ही सक्षम विभागाध्यक्ष के हाथों में देने के लिए जरूरी प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं। खाद्य और औषधि क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए इस नए विभाग के अंतर्गत ही विशेष रूप से एन्फोर्समेंट विंग, लीगल सेल, फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी लैब्स और मजबूत प्रॉसिक्यूशन विभाग भी स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
दूसरी ओर उच्च अधिकारियों का मानना है कि तेलंगाना में युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे नशीले पदार्थों के मामलों और अवैध तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए भी यह विभाग बेहद सक्रियता से काम करेगा। इस नए सुरक्षा विभाग के लिए अत्यंत कुशल बलों की टुकड़ी तैनात की जाएगी। इसी के तहत हाल ही में एलीट एंटी-नक्सल फोर्स ‘ग्रेहाउंड्स’ और आतंकवाद विरोधी इकाई ‘ऑक्टोपस’ से वापस बुलाए गए अनुभवी पुलिस कर्मियों और कमांडो को नए बनने वाले इस प्रतिष्ठित विशेष विभाग में स्थानांतरित करने के लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
Also Read-
राज्यभर के होटलों, रेस्तरां और निर्माण केंद्रों में गुणवत्ता मानकों की निगरानी के साथ-साथ नकली दवाओं के गिरोहों का पर्दाफाश करने के लिए यह कमांडो-स्टाइल निगरानी विभाग पुख्ता तरीके से काम करेगा। सभी आंतरिक तैयारियां लगभग अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया है जल्द ही जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से यह नया खाद्य और औषधि नियंत्रण विशेष विभाग आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आएगा।
