हैदराबाद : गर्मी की छुट्टियों के बाद पूरे तेलंगाना में स्कूल दोबारा खुल गए हैं। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए जाना हो या सरकारी स्कॉलरशिप, सब्सिडी लेनी हो, अब आधार कार्ड सबसे अहम हो गया है। हालांकि कई विद्यार्थियों के आधार कार्ड में गलतियां होने और बायोमेट्रिक अपडेट न कराने के कारण एडमिशन के समय माता-पिता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मी-सेवा, ऑनलाइन केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ रहा है। इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालते हुए हैदराबाद जनरल पोस्ट ऑफिस ने अहम फैसला लिया है। स्कूल प्रबंधन या प्रधानाध्यापक के अनुरोध पर सीधे संबंधित स्कूल परिसर में ही विशेष आधार केंद्र स्थापित कर विद्यार्थियों को वहीं पर सेवाएं देने की नई सुविधा शुरू की है।
इन मोबाइल आधार केंद्रों के जरिए डाक विभाग के कर्मचारी विद्यार्थियों को सभी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। पांच और पंद्रह साल पूरे कर चुके विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट, नया आधार पंजीकरण, फोटो बदलना, नाम में गलतियों का सुधार, पिता का नाम, पता बदलना, मोबाइल नंबर लिंक करना, केवाईसी अपडेट जैसी सभी सेवाएं स्कूल परिसर में ही पूरी की जाएंगी। जीपीओ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये सेवाएं पाने के लिए संबंधित स्कूल में कम से कम 50 विद्यार्थी ऐसे होने चाहिए जिन्हें आधार सेवाओं की जरूरत हो।
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अपने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए स्कूलों में ही यह आधार कैंप लगवाने के इच्छुक स्कूल प्रबंधन को पहले जीपीओ अबिड्स से संपर्क कर लिखित में आवेदन करना होगा। आसानी से संपर्क करने के लिए डाक विभाग ने विशेष हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए हैं। स्कूलों के प्रबंधक- 76590 99628, 94404 54582 या लैंडलाइन नंबर 040 23463595 के जरिए अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही cpmhydgpo@gmail.com ईमेल आईडी पर भी अपना अनुरोध भेज सकते हैं। आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर संबंधित स्कूल के आसपास के इलाके में डाक विभाग आधार केंद्र स्थापित कर देगा।
ग्रेटर हैदराबाद की सीमा में आने वाले हैदराबाद, रंगारेड्डी, मेडचल-मलकाजगिरि जिलों में लगभग 8 हजार से ज्यादा सरकारी और निजी स्कूल हैं। इनमें करीब 25 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षाविदों और अभिभावकों का कहना है कि इस फैसले से विद्यार्थियों का समय बचेगा और उन्हें कार्यालयों के चक्कर काटे बिना पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने का मौका मिलेगा। वे जीपीओ के इस फैसले पर खुशी जता रहे हैं।
