हैदराबाद : हिन्दी साहित्य भारती की ओर से 8 जून को तरंग माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार के. राजन्ना का अभिनंदन किया गया। यह कार्यक्रम यूट्यूब, फेसबुक एवं हिन्दी साहित्य भारती के पेज पर लाइव प्रसारित किया गया।
इस कार्यक्रम में परिचायक के रूप में सूत्रधार की संस्थापक अध्यक्षक एवं साहित्यकार सरिता सुराणा उपस्थित रहीं। उन्होंने राजन्ना के जीवन में घटित घटनाओं पर प्रकाश डाला। अनुवादक, साहित्यकार और कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ कामेश्वरी ने भी राजन्ना के साथ उनका परिचय और उनके जीवन के प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया। इनके अलावा हिन्दी साहित्य भारती के संस्थापक डॉ रवीन्द्र शुक्ल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आचार्य देवेन्द्र देवजी, कार्यक्रम प्रभारी डॉ राम निवास शुक्ल, संयोजक डॉ निर्मला देवी चिट्टिल्ला और अन्य ने संबोधित किया है।
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हिन्दी साहित्य भारती के तरंग माध्यम से आयोजित कार्यक्रम की समन्वयक ममता सक्सेना ने बताना कि वर्तमान का अभिनंदन कार्यक्रम में आमंत्रित के. राजन्ना का जीवन आज के हतोत्साहित युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल और प्रेरक है। कार्यक्रम का संचालन डॉ अखिलेश राव ने किया। हिन्दी साहित्य भारती की केन्द्रीय समनविका एडवोकेट रुचि निवेदिता एवं उनके सहयोगी सुमित ने हिंदी साहित्य भारती के मुख्यालय से कार्यक्रम के प्रसारण में सहयोग दिया है।
इस अभिनंदन कार्यक्रम को हिन्दी साहित्य भारती के माध्यम से देश-विदेश के 36 केन्द्रों से एक साथ भी देखा गया। वक्ताओं और दर्शकों ने इस अभिनंदन कार्यक्रम को सराहा गया एवं राजन्ना की फांसी (एक बहुजन की आत्मकथा) हिंदी पुस्तक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।
