पश्चिम बंगाल राज्यपाल ने चलाया संविधान के ‘सुदर्शन चक्र’ का प्रयोग, किया विधानसभा भंग, नई सरकार गठन का रास्ता साफ

हैदराबाद : राज्यपाल रविंद्र नारायण रवि ने राज्य विधानसभा को भंग कर दिया है। कोलकाता राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित नोटिफिकेशन के बाद ममता बनर्जी की सरकार संवैधानिक रूप से खत्म हो गई। राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल खत्म होते ही कैबिनेट को भंग कर दिया।

इसके साथ ही ममता बनर्जी अब पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री नहीं रहीं है। राज्यपाल रवि ने 7 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आधिकारिक आदेश जारी किया। 4 मई को चुनाव के नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। साथ ही चुनाव परिणाम पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटना की घोषणा की। इसके चलते तब से सियासी खींचतान जारी है। इसी बीच राज्यपाल ने विधानसभा को भंग कर दिया।

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आपको बता दें कि ममता बनर्जी 2011 से तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उनके कार्यकाल में अनेक विवाद, हिंसा के लिए जाना जाता है। अब पश्चिम बंगाल में नई सरकार गठन की प्रक्रिया के लिए रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि राज्यपाल को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(बी) के तहत विधानसभा को भंग करने अधिकार है। इस दस्तावेज पर मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला के हस्ताक्षर किया है। इसके साथ ही 15 साल से पश्चिम बंगाल में राज कर रही तृणमूल कांग्रेस का शासन भी खत्म हो गया।

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