हैदराबाद : डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं निदान केंद्र (सीडीएफडी) में हिन्दी कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। यह कार्यशाला 19 अगस्त को आयोजित की गई, जिसमें हिन्दी भाषा के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती अनिता पांडे, सहायक निदेशक (राजभाषा), एन.आई.आर.डी.पी.आर., हैदराबाद ने “राजभाषा कार्यान्वयन की वार्षिक योजना– लक्ष्य, रणनीति और उपलब्धियां” पर व्याख्यान दिया। राजभाषा सलाहकार सुश्री वी. संतोषी दीपिका ने कार्यशाला में उपस्थित सभी का स्वागत किया।
बी. येसुदासु, हिन्दी संपर्क अधिकारी ने अपने संक्षिप्त एवं प्रेरणादायी संबोधन में हिन्दी भाषा के महत्व और कार्यालयीन कार्य में इसकी बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित किया और सक्रियता से भाग लेने हेतु कहा है। इसके पश्चात मुख्य वक्ता श्रीमती अनिता पांडे, सहायक निदेशक (राजभाषा), एन.आई.आर.डी.पी.आर., हैदराबाद का परिचय कराया गया। श्रीमती पांडे ने राजभाषा कार्यान्वयन की वार्षिक योजना के लक्ष्य, रणनीति और उपलब्धियों पर गहन चर्चा की, जिसे प्रतिभागियों ने अत्यंत रुचि से सुना। उन्होंने राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम 2025-26 में निर्धारित लक्ष्यों को विस्तार से समझाया।
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कार्यक्रम के अंतर्गत राजभाषा क्विज़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्विज़ में प्रतिभागियों की राजभाषा ज्ञान से जुड़ी समझ का परीक्षण किया गया। विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। 3 जून को आयोजित “वैज्ञानिक निबंध लेखन” प्रतियोगिता के विजेताओं को इस राजभाषा कार्यशाला के दौरान पुरस्कृत किया गया। इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों को हिन्दी भाषा की गहराई और सौंदर्य को समझने का अवसर प्रदान किया, जिससे वे भविष्य में इसके प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा सलाहकार सुश्री वी. संतोषी दीपिका ने किया।
