इजरायल और ईरान युद्ध में अमेरिका शामिल, बोले- खामेनेई को भी सद्दाम हुसैन की तरह उतारेंगे मौत के घाट, तेहरान छोड़कर भाग रहे हैं लोग

हैदराबाद: इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध में अमेरिका ने प्रवेश किया है। इसके चलते दोनों देशों के बीच जारी लड़ाई और तेज होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। कनाडा में जारी जी-7 शिखर सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर अचानक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वाशिंगटन लौटे आये। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि अमेरिका का धैर्य खत्म होता जा रहा है। रॉयटर की रिपोर्ट के मुताबकि, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच अमेरिका मध्य पूर्व में लड़ाकू विमान भेज रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

इसी क्रम में तीन अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में और अधिक लड़ाकू विमान तैनात कर रही है और अन्य युद्धक विमानों की तैनाती बढ़ा रही है। इससे इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के बीच इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों को मजबूती मिलेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लड़ाकू विमान तैनाती में F-16, F-22 और F-35 लड़ाकू विमान शामिल किया जा रहा हैं। दो अधिकारियों ने लड़ाकू विमानों की तैनाती की रक्षात्मक प्रकृति पर जोर दिया। इनका उपयोग ड्रोन और प्रोजेक्टाइल को मार गिराने के लिए किया गया है।

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इस समय राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हर किसी को तत्काल तेहरान खाली कर देना चाहिए और ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अभी नहीं मारेंगे। हालांकि अमेरिका को पता है कि वह कहां छिपे हैं और वह आसान लक्ष्य हैं। जबकि इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज का कहना है कि खामेनेई का भी वही हश्र हो सकता है जो इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का हुआ था।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में लोग शहर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे हैं। तेहरान का मुख्य इलाका मंगलवार सुबह से ही खाली होने लगा और कई दुकानें बंद कर दी गई हैं। शहर का प्राचीन ‘ग्रैंड बाजार’ भी बंद रहा है। केवल इतना ही नहीं, तेहरान से पश्चिम की ओर जाने वाली सड़कों पर जाम की स्थिति देखी गई। कई लोग कैस्पियन सागर क्षेत्र की ओर जाते दिखाई दिए। तेहरान में पेट्रोल पंपों और गैस के लिए कतारें लगी देखी गईं। खाने की चीजों की कमी हो रही है। डाक्टरों एवं नर्सों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं।

दूसरी ओर ईरान ने सरकारी अधिकारियों और उनके अंगरक्षकों को नेटवर्क से जुड़े सभी संचार उपकरणों का उपयोग करने से प्रतिबंधित कर दिया है। इनमें मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ियां और लैपटाप शामिल हैं। यहां तक कि लोगों से वाट्सएप भी अपने फोनों से अनइंस्टाल करने के लिए कहा गया है। ईरान को आशंका है कि इन्हें ट्रैक करके इजरायल हमले कर सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा। साथ ही चेतावनी दी है कि हम जानते हैं कि सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई कहां छिपे हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अमेरिका खामेनेई को मारने नहीं जा रहा है, लेकिन कहा कि हम नहीं चाहते कि मिसाइलें नागरिकों या अमेरिकी सैनिकों पर दागी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को अमेरिका के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। ट्रंप ने दावा किया कि अब ईरान के ऊपर आसमान पर हमारा पूरा और संपूर्ण नियंत्रण है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी हथियारों की तारीफ भी की है।(एजेंसियां)

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