हैदराबाद: आर्य समाज महर्षि दयानंद मार्ग, सुल्तान बाजार में प्रतिवर्ष की भांति श्रावणी वेद प्रचार सप्ताह भव्य रूप से मनाया गया। श्रावणी वेद प्रचार सप्ताह 23 अगस्त को आरंभ हुआ था। प्रातः तथा सायं काल सबसे पहले यज्ञ, यजुर्वेद पारायण यज्ञ द्वारा किया गया।
तत्पश्चात भजन और वेदोपदेश से अमृत पान हुआ। यजुर्वेद पारायण यज्ञ की सप्ताह भर धूम रही है। इस दौरान यज्ञ को संसार में सबसे श्रेष्ठतम कर्म बताया गया है। माता निर्मला योग भारती के ब्रह्मत्व तथा डॉ. मैत्रेयी शास्त्री एवं आचार्य राघव वेदपाठी के ऋत्विज में संपन्न हुआ।

पूर्णाहुति के पश्चात आर्य समाज का 131 वां वार्षिकोत्सव बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर के कई प्रतिष्ठित आर्य समाज के सदस्यों ने भाग लिया और सफल बनाया। इसी कड़ी में पंडित सुमित्र अंगिरस आर्य के मनोहर भजन और प्रवचन हुए तथा आर्य जगत के प्रसिद्ध वेदों के विद्वान आचार्य शैलेश मुनि सत्यार्थी जी के सारगर्भित वेदोपदेश बहुत ही सरल भाषा में सभी को आसानी में समझ में आए ऐसी शैली में प्रस्तुत किए।
समाज के वरिष्ठ सदस्य के रूप में श्री रणधीर सिंह को सम्मानित किया गया। रणधीर सिंह हैदराबाद में जन्मे और प्रतिष्ठित आर्य परिवार से सम्मन्धित हैं और प्रति रविवार सुबह समाज मंदिर में साप्ताहिक यज्ञ में भाग लेते हैं। उनके पिताजी और दादाजी फर्रुखाबाद में जन्मे और उनके दादाजी को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि महर्षि दयानंद सरस्वती जी के सत्संगों, प्रवचनों में भाग लिया और सेवा करने का पुण्य अवसर प्राप्त किया तथा आर्य समाजी बने।

डॉ. धर्म तेजा जी को भारत सरकार की ओर से गठित विशेष समिति 200 वीं जयंती महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के मनाने के लिए जिसकी अध्यक्षता माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी की है मे सदस्य के रूप में नामांकित किए जाने पर सम्मानित किया गया। यह बड़े ही गर्व की बात है और समाज को आशा है कि आगामी कुछ दिनों में बड़े बड़े उत्सवों का आयोजन किया जायेगा।
इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों में वानप्रस्थी, दूर से पधारे सज्जनों और आर्य कन्या विद्यालय हाई स्कूल के अध्यापिकाओं तथा विद्यार्थियों ने प्रतिदिन की उपस्थिति में भाग लेने से श्री प्रदीप जाजू जी को सम्मानित किया।
इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए किए गए सभी सहयोगियों को डॉ. प्रताप रुद्र, रामचन्द्र राजू पूर्व पार्षद, प्रदीप जाजू, श्रीमती सुचित्रा चन्द्र, श्रीमती ममता, श्री शिवाजी, श्री ज्ञान कुमार, श्री डेनी, श्री सन्तोष, भक्तराम आदि ने और सम्मानित किया और धन्यवाद ज्ञापन दिया। अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। इस अवसर पर प्रसाद का प्रबन्ध किया गया।
