हैदराबाद : तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) के अध्यक्ष प्रोफेसर कोडंदराम ने कहा तेलंगाना के गठन के समय 3 फीसदी बेरोजगारी थी। इन साढ़े सात सालों में तेलंगाना में बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है। इस समय तेलंगाना में बेरोजगारी तीन गुना बढ़कर 8 फीसदी हो गई है। फिर भी तेलंगाना सरकार कह रही है कि बेरोजगारी दर में कमी आई है।
कोदंडाराम ने सूर्यापेटा जिला केंद्र स्थित किराणा मर्चंट संघ भवन में आयोजित बेरोजगार आत्मविश्वास सम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर कोदंडराम ने सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में बेरोजगार युवक आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार ही बताये कि बेरोजगारी घटी है या बढ़ी है? तेलंगाना गठन के बाद बेरोजगार युवकों की मुश्किलें दोगुनी हो गईं है।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना में अब तक भर्ती की गई सरकारी नौकरियों की संख्या 80 हजार से भी कम है। मगर मुख्यमंत्री केसीआर विधानसभा में 1.32 लाख नौकरियों की भर्ती की गई कहकर झूठ बोल रहे हैं। यह शर्म की बात है।
कोडंदरम ने चुनौती दी कि वह नौकरियों की भर्ती की संख्या पर सार्वजनिक चर्चा के लिए तैयार हैं। यदि हिम्मत है तो केसीआर चर्चा के लिए सामने आये। तेलंगाना में अब तक लगभग 200 बेरोजगार युवकों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है।
उन्होंने बताया कि इस साल में अब तक 21 बेरोजगार युवकों ने आत्महत्या की है। कोदंडराम ने 3 दिसंबर को हैदराबाद में होने वाले तेलंगाना युवा मांग दिवस कार्यक्रम में बेरोजगार और युवकों को बड़ी संख्या में भाग लेकर सफल बनाने का आह्वान किया है।
