हैदराबाद : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रच दिया है। शुक्रवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने 2 विकेट खोकर 169 रन लगाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया 146 रन ही बना पाई और 23 रन से ये मुकाबला हार गई। इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे की यह लगातार दूसरी जीत है, वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा है।
जिम्बाब्वे की टीम ने दूसरे ही ओवर से ऑस्ट्रेलिया पर हल्ला बोल दिया। ब्लेसिंग मुजारबानी ने दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर जोश इंगलिस को 8 रन बनाने के बाद आउट कर दिया। वहीं इसके बाद कैमरन ग्रीन और टिम डेविड तो खाता तक नहीं खोल पाए। इसके बाद भी ऑस्ट्रेलिया की टीम के लगातार विकेट गिरते ही गये। एक समय उनका स्कोर 29 रन पर 4 विकेट था। यहां से ग्लेन मैक्सेवल (31) ने मैथ्यू रेनशॉ के साथ एक 50 रन से ज्यादा की पार्टनरशिप लगाई, लेकिन वो काफी नहीं थी। अंत में रेनशॉ भी 65 रन बनाकर आउट हो गए और यहां से जिम्बाब्वे के लिए जीत कुछ ही कदम दूर रह गई थी। जिम्बाब्वे के लिए ब्लेसिंग मुजारबानी ने 4 और ब्रैड इवांस ने 5 विकेट हासिल किए।

इससे पहले ब्रायन बेनेट की नाबाद 64 रन की पारी की बदौलत जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच में दो विकेट पर 169 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। बेनेट ने 56 गेंदों पर 7 चौके लगाकर जिम्बाब्वे के लिए बड़े स्कोर की नींव रखी। जिम्बाब्वे ने 15 ओवर तक एक विकेट पर 125 रन बना लिए थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम ओवरों में वापसी की और आखिरी पांच ओवरों में केवल 44 रन ही दिए।

विकेटकीपर तादिवानाशे मारुमानी (35) और रयान बर्ल (35) ने भी उपयोगी योगदान दिया, जबकि कप्तान सिकंदर रजा 13 गेंदों पर 25 रन बनाकर नाबाद रहे। जिम्बाब्वे के विकेट बचे हुए थे और वह जोखिम भरे शॉट खेल सकता था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उसकी पूरी पारी में सिर्फ एक छक्का लगा। पैट कमिंस और जोश हेजलवुड जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण में शुरुआत में धार की कमी दिखी और जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने इसका फायदा उठाया।

जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने एडम जांपा का भी अच्छी तरह से सामना किया। जांपा ने अपने चार ओवरों में 31 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। पहले बल्लेबाजी का न्यौता अपने वाले जिम्बाब्वे की पारी का मुख्य आकर्षण मारुमानी और बेनेट के बीच पहले विकेट के लिए 7.3 ओवरों में 61 रन की साझेदारी थी। मारुमनी ने धीमी शुरुआत के बाद तीसरे ओवर में बेन ड्वार्शियस की गेंदों पर दो चौके और चौथे ओवर में ग्लेन मैक्सवेल पर तीन चौके लगाए। मैथ्यू कुहनेमैन के पांचवें ओवर में बेनेट ने दो चौके लगाए जिससे जिम्बाब्वे ने पावर प्ले में बिना किसी नुकसान के 47 रन बनाए।

ऑस्ट्रेलिया को आठवें ओवर में सफलता मिली जब मार्कस स्टोइनिस ने मारुमानी को आउट किया। स्टोइनिस 16वें ओवर में अपनी ही गेंद पर बर्ल का कैच लेने की कोशिश में चोटिल हो गए और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। कैमरन ग्रीन ने 16वां ओवर पूरा किया और यह उनके लिए भाग्यशाली साबित हुआ, क्योंकि बर्ल आखिरी गेंद पर आउट हो गए। (एजेंसियां)
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ఆస్ట్రేలియాపై జింబాబ్వే ఘన విజయం
హైదరాబాద్ : టీ20 ప్రపంచకప్ 2026 లో సంచలన పరిణామం చోటు చేసుకుంది. పసికూన జింబాబ్వే జట్టు ఆస్ట్రేలియాను ఓడించి చరిత్ర సృష్టించింది. శుక్రవారం ఉదయం జరిగిన ఈ గ్రూప్ స్టేజ్ మ్యాచ్లో పటిష్టమైన ఆస్ట్రేలియా జట్టుపై జింబాబ్వే 23 పరుగుల తేడాతో చారిత్రాత్మక విజయాన్ని నమోదు చేసింది.
శ్రీలంకలోని కొలంబో వేదికగా జరిగిన ఈ మ్యాచులో టాస్ గెలిచిన ఆస్ట్రేలియా బౌలింగ్ ఎంచుకుంది. దీంతో తొలుత బ్యాటింగ్ చేసిన జింబాబ్వే నిర్ణీత 20 ఓవర్లలో కేవలం 2 వికెట్లు మాత్రమే కోల్పోయి 169 పరుగుల భారీ స్కోరు సాధించింది. జింబాబ్వే బ్యాటర్లలో బ్రియాన్ బెన్నెట్ 56 బంతుల్లో 64 పరుగులు (నాటౌట్) చేసి జట్టు విజయంలో కీలక పాత్ర పోషించగా, చివర్లో కెప్టెన్ సికందర్ రజా 13 బంతుల్లో 25 పరుగులు చేసి మెరుపులు మెరిపించాడు.
అనంతరం 170 పరుగుల లక్ష్యంతో బరిలోకి దిగిన ఆస్ట్రేలియాకు జింబాబ్వే బౌలర్లు చుక్కలు చూపించారు. ఆరంభం నుంచే కట్టుదిట్టమైన బౌలింగ్తో ఆసీస్ బ్యాటర్లను కట్టడి చేశారు. ముఖ్యంగా బ్లెస్సింగ్ ముజారాబాని 4 వికెట్లు తీసి ఆసీస్ వెన్ను విరవగా, బ్రాడ్ ఎవాన్స్ 3 వికెట్లు పడగొట్టాడు. దీంతో ఆస్ట్రేలియా 19.3 ఓవర్లలో 146 పరుగులకే కుప్పకూలి ఆలౌట్ అయింది. ఆసీస్ స్టార్ బ్యాటర్లు ట్రావిస్ హెడ్, గ్లెన్ మాక్స్వెల్ స్వల్ప స్కోర్లకే వెనుదిరగడం ఆ జట్టు కొంపముంచింది. అద్భుత బౌలింగ్ ప్రదర్శన చేసిన ముజారాబాని ‘ప్లేయర్ ఆఫ్ ది మ్యాచ్’ అవార్డును దక్కించుకున్నాడు.
ఈ విజయం జింబాబ్వే క్రికెట్ చరిత్రలో ఒక మైలురాయిగా నిలిచిపోనుంది. ఐసీసీ ప్రపంచకప్ వేదికపై ఆస్ట్రేలియాను జింబాబ్వే ఓడించడం దాదాపు 19 ఏళ్ల తర్వాత ఇదే తొలిసారి కావడం విశేషం. చివరిసారిగా 2007 టీ20 ప్రపంచకప్లో మాత్రమే ఆసీస్పై జింబాబ్వే గెలిచింది. ఈ పరాజయంతో ఆస్ట్రేలియా సూపర్-8 అవకాశాలు క్లిష్టతరం కాగా, జింబాబ్వే జట్టు ఆశలు సజీవంగా ఉన్నాయి. (ఏజెన్సీలు)
