हैदराबाद : म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप ने जमकर तबाही मचाई है। बताया है कि देश में एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। पड़ोसी देश थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप का भारी असर हुआ है। यहां एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत के ढह जाने से कम से कम दस लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार को आए भूकंप की तीव्रता 7.7 दर्ज की गई और इसका केन्द्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के निकट पाया गया। इसके बाद 6.4 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप झटका महसूस किया गया।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा कि भूकंप से मौतों, हताहतों और विनाश को लेकर पूरी तस्वीर अबतक स्पष्ट नहीं है। खास तौर पर म्यांमार में, जो दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है। म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख ने शुक्रवार शाम को टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में कहा कि भूकंप संबंधी घटनाओं में कम से कम 144 लोग मारे गए और 730 अन्य घायल हुए। मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है। भूकंप के कारण कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बचाव दल मलबे से पीड़ितों को निकाल रहे हैं।

म्यांमार की सरकार ने कहा कि सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में खून की बहुत अधिक जरूरत है। मांडले में टूटी-फूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त राजमार्गों के साथ-साथ पुल और बांध के ढहने की तस्वीरें इस बात को लेकर और भी चिंता पैदा करती हैं कि बचाव दल पहले से ही व्यापक मानवीय संकट से जूझ रहे देश के कुछ इलाकों तक कैसे पहुंच पाएंगे। अंतरराष्ट्रीय बचाव समिति के म्यांमार निदेशक मोहम्मद रियास ने कहा कि भूकंप से हुई तबाही को जानने में कई सप्ताह लग सकते हैं।

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म्यांमार में भूकंप की वजह से पुल और मठ ढह गए और बांध टूट गया। खबरों के अनुसार मांडले में, भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं, जिनमें शहर के सबसे बड़े मठों में से एक मा सोए याने मठ भी शामिल है। मांडले के दक्षिण-पश्चिम में सागाइंग क्षेत्र में 90 वर्ष पुराना पुल ढह गया तथा मंडाले और म्यांमार के सबसे बड़े शहर यांगून को जोड़ने वाले राजमार्ग के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हो गए। (एजेंसियां)
