हैदराबाद : जैसा कि कल से अटकलें लगाई जा रही थी कि मंगलवार को होने वाली तेलंगाना मंत्रिमंडल की बैठक में यासंगी अनाज की खरीदी पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। अटकलें सही साबित करते हुए केसीआर ने घोषणा की कि तेलंगाना सरकार खुद अनाज की खरीदी करेगी। केसीआर के फैसले से तेलंगाना के किसानों में खुशी का माहौल है।
इस दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने कहा कि केंद्र में पूरी तरह से किसान विरोधी सरकार है। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम केसीआर ने कहा कि केंद्र सरकार धान फसल खरीदी करने में नाकाम रही है। साथ ही किसानों के लिए बेवकूफ तरह की अडचने पैदा कर रही है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कृषि को कॉरपोरेट्स के हवाले करने की साजिश कर रही है। उर्वरक की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि की है। तेलंगाना का जो स्तर है, वह केंद्र के पास नहीं है।
उन्होंने कहा कि पहले केंद्र ने किसानों को अपमानित किया है। बाद में माफी मांगते हुए कृषि कानूनों को वापस लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नाकामी दूसरों पर थोपी जा रही है। धान की खरीदी पर केंद्र एक पागल जैसा व्यवहार कर रही है। केसीआर ने बताया कि टीआरएस सरकार सत्ता में आने के बाद से पेट्रोल पर वैट नहीं बढ़ाया है। इस दौरान केसीआर ने कड़ी आलोचना की और एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री केसीआर ने इस दौरान यह भी घोषणा की कि यासांगी धान फसल तेलंगाना सरकार ही खरीदी करेगी। हर गांव में क्रय केंद्र शुरू किये जाएंगे। दो-तीन दिन में धान की खरीदी शुरू हो जाएगी। एक क्विंटल धान के लिए 1960 रुपये का भुगतान किया जाएगा। किसान अपना अनाज सस्ते दामों पर न बेचें।
