नई दिल्ली : दिल्ली में विपक्षी गठबंधन के विरोध प्रदर्शन तीव्र तनाव का कारण बने हैं। चुनाव आयोग के कामकाज और CEC ज्ञानेश कुमार के पद पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताते हुए दूसरे दिन भी आंदोलन जारी रखा। पुलिस ने कई सांसदों को हिरासत में लिया।
CEC ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए, इस मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन के सांसद दिल्ली में विरोध प्रदर्शन पर उतरे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में दोपहर में हुई बैठक के बाद सांसदों ने अपनी अगली रणनीति पर चर्चा की। उसके बाद तीन बसों में EC कार्यालय की ओर रवाना हुए। चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचकर विरोध करने की योजना थी। हालांकि जनपथ के पास ही पुलिस ने बड़े पैमाने पर बैरिकेड लगाकर उन्हें बीच में ही रोक दिया।
पुलिस ने आगे जाने की अनुमति नहीं दी तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसद सड़क पर ही बैठकर विरोध जताने लगे। वहां से हटने से राहुल ने साफ इनकार कर दिया। इस दौरान पुलिस और राहुल गांधी के बीच बहस हुई। दूसरी तरफ प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने को नीचे धकेलने की कोशिश की है। राहुल, प्रियंका के चारों ओर कांग्रेस सांसद, कार्यकर्ता खड़े होकर उन्हें घेर लिया।
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प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। कई सांसदों, कार्यकर्ताओं को एक-एक करके हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी को भी पुलिस ने वाहन में बैठाकर वहां से ले गई। प्रियंका गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। इस दौरान जनपथ इलाके में कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति देखी गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की होने से भारी संख्या में जवानों को मौके पर तैनात किया गया।
विपक्ष के ताजा आंदोलनों की पृष्ठभूमि में सेंट्रल दिल्ली में पुलिस ने सुरक्षा और कड़ी कर दी। EC कार्यालय और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मुख्य रास्तों पर बैरिकेड लगाए। अहम इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। बिना अनुमति की रैलियों और विरोध प्रदर्शनों को काबू करने के लिए कदम उठाए। मंगलवार को हुए विरोध में भी विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसी पृष्ठभूमि में आज किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अधिकारियों ने पहले से कदम उठाए।
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विपक्षी गठबंधन मांग कर रहा है कि CEC ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। विपक्षी नेता कह रहे हैं कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी आपत्तियों को केंद्र और चुनाव आयोग के सामने ले जाने के लिए ही आंदोलन कर रहे हैं। साफ कर रहे हैं कि इस मुद्दे पर पीछे हटने का सवाल ही नहीं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है। दूसरी तरफ विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है, ऐसा कहते हुए पुलिस ने नेताओं को रोक दिया। इससे देश की राजधानी में राजनीतिक तनाव की स्थिति बन गई है।
