हैदराबाद/मुलुगु: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा जंगल में भारी मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 22 माओवादियों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तेलंगाना की सीमा से लगे छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगलों में बुधवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 22 माओवादी मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित पहाड़ियों में 21 अप्रैल को ‘ऑपरेशन संकल्प’ नाम से अभियान शुरू किया गया था, जिसमें लगभग 28 हजार जवान शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के शुरू होने के बाद से अंतरराज्यीय सीमा पर घने जंगल से घिरे कर्रेगुट्टा और आसपास की पहाड़ियों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच कम से कम 35 मुठभेड़ हो चुकी हैं, जिसमें 26 माओवादियों के शव और करीब 40 हथियार बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान चार सौ से अधिक बारूदी सुरंग (आईईडी), करीब दो टन विस्फोटक सामग्री और छह टन से अधिक राशन सामग्री, दवाएं, दैनिक उपयोग की सामग्री और अन्य माओवादी सामान जब्त किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी माओवादी विरोधी कार्रवाइयों में से इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और इसकी विशिष्ट इकाई कोबरा सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 28 हजार जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कर्रेगुट्टा क्षेत्र में आज सुबह हुई मुठभेड़ के बाद 22 माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मारे गए माओवादियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर अंतरराज्यीय सीमा पर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु तथा भद्राद्री-कोत्तागुडेम (तेलंगाना) के दोनों ओर लगभग आठ सौ वर्ग किलोमीटर फैले क्षेत्र में अभी भी अभियान जारी है। इस मुठभेड़ के साथ ही 21 अप्रैल से अभियान संकल्प के तहत मारे गए माओवादियों की संख्या 26 हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों के सबसे मजबूत सैन्य गठन बटालियन नंबर एक, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति के नक्सली नेताओं की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के आधार पर यह अभियान शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर एक से जुड़ी तीन महिला , जिन माओवादी पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था, को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर मार गिराया गया। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से हथियारों, विस्फोटकों और अन्य सामग्रियों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया था।
अधिकारियों ने बताया कि पांच मई को क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में एक महिला माओवादी मारी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादियों के बटालियन नंबर एक का आधार माना जाता है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि इस अभियान के दौरान कई नक्सली नेता या तो मारे गए या गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उनके साथी जंगल के भीतर खींचने में कामयाब रहे।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान अब तक सैकड़ों नक्सली ठिकाने और बंकर नष्ट किए गए हैं और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर, दवाइयां और अन्य सामान जब्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रेशर बम में विस्फोटों की विभिन्न घटनाओं में कोबरा इकाई के एक अधिकारी सहित कम से कम छह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान अभी जारी है। इसलिए सुरक्षा कारणों से इस समय कई अन्य विवरणों का खुलासा नहीं किया जा सकता है। जल्द ही इस संबंध में जानकारी दी जाएगी। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष अलग-अलग मुठभेड़ों में 168 माओवादी मारे गए हैं। उनमें से 151 बस्तर संभाग में मारे गए। बस्तर संभाग में बीजापुर सहित सात जिले शामिल हैं।
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కర్రెగుట్టలో భారీ ఎన్కౌంటర్, 22 మంది నక్సలైట్లు మృతి
హైదరాబాద్/ములుగు: తెలంగాణ-ఛత్తీస్గఢ్ సరిహద్దులోని కర్రెగుట్ట ప్రాంతంలో బుధవారం తెల్లవారుజామున భద్రతా బలగాలు, మావోయిస్టుల మధ్య జరిగిన తీవ్రమైన ఎన్కౌంటర్లో 22 మంది నక్సలైట్లు మృతి చెందారు. ‘మిషన్ సంకల్ప్’ ఆపరేషన్లో భాగంగా జరిగిన ఈ ఆపరేషన్ను బస్తర్ ఐజీ సుందర్రాజ్ పి మరియు సీఆర్పీఎఫ్ ఐజీ ధృవీకరించారు. ఈ ఘటనలో భారీగా ఆయుధాలు, పేలుడు సామగ్రిని భద్రతా బలగాలు స్వాధీనం చేసుకున్నాయి.
కర్రెగుట్ట, బిజాపూర్ జిల్లా (ఛత్తీస్గఢ్) మరియు ములుగు జిల్లా (తెలంగాణ)లో విస్తరించిన 60 కిలోమీటర్ల ఈ కొండ ప్రాంతం, మావోయిస్టులకు సురక్షిత దాగుడు మూతగా ఉంది. ఈ ఆపరేషన్లో సీఆర్పీఎఫ్, ఛత్తీస్గఢ్ పోలీసులు, తెలంగాణ గ్రేహౌండ్స్, మహారాష్ట్ర సీ-60 బలగాలతో సహా దాదాపు 20,000 మంది సైనికులు పాల్గొన్నారు. ఏప్రిల్ 22 నుండి కొనసాగుతున్న ఈ ఆపరేషన్, దేశంలో నక్సలిజాన్ని అంతం చేయాలన్న కేంద్ర ప్రభుత్వ లక్ష్యంలో కీలకమైనదిగా భావిస్తున్నారు.
ఈ ఎన్కౌంటర్లో మావోయిస్టు బెటాలియన్ నంబర్ 1కి చెందిన కీలక నాయకుడు మడవి హిడ్మా ఉన్నట్లు అనుమానిస్తున్నారు. ఘటనా స్థలం నుండి స్వాధీనం చేసుకున్న ఆయుధాల్లో రైఫిళ్లు, పేలుడు పదార్థాలు, మరియు ఇతర నక్సల్ సామగ్రి ఉన్నాయి. అయితే, ఈ ఆపరేషన్లో ఒక సీఆర్పీఎఫ్ అధికారి తీవ్రంగా గాయపడి ఒక కాలు కోల్పోయినట్లు సమాచారం.
ఛత్తీస్గఢ్ ముఖ్యమంత్రి విష్ణు దేవ్ సాయ్ ఈ ఆపరేషన్ను ప్రశంసిస్తూ, “కర్రెగుట్టలో నక్సలిజానికి వ్యతిరేకంగా జరుగుతున్న ఈ ఆపరేషన్ దేశంలోని అతిపెద్ద నక్సల్ వ్యతిరేక ఆపరేషన్లలో ఒకటి. ఇప్పటివరకు 22 మంది నక్సలైట్లు మృతి చెందారు, మరియు ఆపరేషన్ కొనసాగుతోంది,” అని తెలిపారు.
ఈ ఘటనతో సమీప గ్రామాల్లో భయాందోళన నెలకొంది. కొందరు పౌర హక్కుల సంఘాలు ఈ ఆపరేషన్ను నిలిపివేసి, శాంతి చర్చలు జరపాలని కోరుతున్నాయి. అయితే, 2026 మార్చి 31 నాటికి నక్సలిజాన్ని అంతం చేయాలన్న కేంద్ర హోం మంత్రి అమిత్ షా లక్ష్యంతో ఈ ఆపరేషన్ మరింత ఉద్ధృతమవుతోంది. (ఏజెన్సీలు)
