जीएसटी में किये गये हैं बड़े बदलाव, पहले की लूट और अब की छूट पर डालें एक नज़र, पढ़ें ‘नोट’ के साथ पूरी खबर

नोट- हमारे देश में हर चीज की खरीदी कर भूगताने के साथ ही होती है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद लगभग हर चीज पर जीएसटी लागू कर दिया गया। यह जीएसटी दो प्रकार की है। एक केंद्र सरकार और दूसरी राज्य सरकार के खाते में गई। अब तक लोगों पर कर के साथ खरीदी गई चीजों पर जीएसटी क्यों लागू किया गया? समझ में नहीं आया। यहां तक शवों के दाह संस्कारों के चीजों पर भी जीएसटी लागू किया गया। अब तक लोगों से बेहिसाब लूट लिये और अब कम कर दिये गये हैं। क्यों? ऐसा करने से किसकी भलाई हुई और भविष्य में होगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा!

हैदराबाद : जीएसटी काउंसिल ने बुधवार को आठ साल पुराने जीएसटी रिजीम में कुछ बड़े बदलान किये हैं। जीएसटी में अब केवल दो स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी रह गए हैं। 12 फीसदी और 18 फीसदी के स्लैब समाप्त कर दिए गए हैं। हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। रोजमर्रा की कई चीजों पर जीएसटी घटा दिया गया है। छोटी कारों, मोटरसाइकिल और स्कूटर पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। नए रेट 22 सितंबर से लागू होंगे।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक इंटरव्यू में जीएसटी को लेकर कई अहम बातें बताई हैं। उन्होंने साफ किया कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का कोई तुरंत योजना नहीं है। इसके अलावा रियल एस्टेट बिल्डरों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) वापस देने की भी कोई योजना नहीं है। राज्यों की सहमति के बिना पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी लागू नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आईटीसी देने से राजस्व का नुकसान हो सकता है।

जीएसटी काउंसिल में देश के सभी राज्यों की भागीदारी है। इसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी शासित राज्य भी हैं। लेकिन जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में सभी राज्यों की सहमति से जीएसटी दरों में भारी कटौती हुई।

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गाड़ी खरीदने की योजना बनाने वालों के लिए गुड न्यूज है। जीएसटी काउंसिल ने कारों पर टैक्स में 10 फीसदी कटौती की है। इसके बाद कारों की कीमत 10 लाख रुपये तक कम हो गई है। यहां जानिए हर कार की कीमत।
गुटखा-सिगरेट सस्ता हो जाएगा?

जीएसटी काउंसिल ने सिगरेट और गुटखा जैसे ‘ सिन गुड्स ‘ पर लगने वाले कंपनशेसन सेस को खत्म करने का ऐलान किया गया है। इससे कुछ लोग समझ रहे हैं कि बीड़ी-सिगरेट-गुटखा आदि सस्ती हो जाएगी। आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो आप मुगालते में हैं। सरकार की तैयारी तो कुछ और ही है। पढ़िए पूरी खबर।

जीएसटी में कटौती 22 सितंबर से लागू हो रही है। इस दौरान बिक्री में बंपर तेजी आने की उम्मीद है। इसे देखते हुए कार, दोपहिया वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कंपनियां उत्पादन बढ़ा रही हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

जीएसटी काउंसिल ने कहा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को डिलीवरी करने वाले लोगों की तरफ से 18% टैक्स देना होगा। इससे फूड डिलीवरी करने वाली बड़ी कंपनियों जोमैटो और स्विगी पर जीएसटी का बोझ बढ़ने वाला है। पहले डिलीवरी करने वाले लोग जीएसटी के दायरे से बाहर थे। इस नए नियम से जोमैटो और स्विगी दोनों पर हर साल लगभग 180-200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। दोनों कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि वे इस बढ़े हुए टैक्स को ग्राहकों से वसूल करेंगे।

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता पी. चिदंबरम ने जीएसटी में हुए बदलावों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 12 और 28 प्रतिशत के टैक्स स्लैब को कम करना अच्छा कदम है। लेकिन, उन्होंने यह भी कहा कि यह सुधार आठ साल पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘मैं सरकार को आठ साल बाद अपनी गलती का एहसास होने के लिए धन्यवाद देता हूं। आठ साल पहले, जब यह कानून लागू किया गया था, तो यह गलत था।’

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जीएसटी सुधारों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ये सुधार भारत की आर्थिक वृद्धि को बड़ा बढ़ावा देंगे। साथ ही उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के लोगों को ऐतिहासिक ‘दिवाली गिफ्ट’ देने का वादा पूरा किया है।

सरकार ने खेती में इस्तेमाल होने वाली चीजों और डेयरी उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम कर दी हैं। इससे किसानों को बहुत मदद मिलेगी। कंपाउंड लाइवस्टॉक फीड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष दिव्या कुमार गुलाटी ने डेयरी प्रोडक्ट पर टैक्स कम करने को प्रगतिशील कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारत के 8 करोड़ डेयरी किसानों को फायदा होगा।

नाबार्ड के चेयरमैन शाजी के. वी. का कहना है कि जीएसटी में कटौती से गांवों में लोगों के पास ज्यादा पैसा बचेगा। उन्होंने कहा कि गांव के लोग आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। इस साल मानसून भी अच्छा है और 8 फीसदी ज्यादा जमीन पर फसलें बोई गई हैं। जीएसटी कटौती से ग्रामीण लोगों के हाथों में अधिक पैसा आएगा।

जीएसटी काउंसिल ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब तेल और गैस खोजने और निकालने पर लगने वाला टैक्स बढ़ गया है। यह टैक्स 12% से बढ़कर 18% हो गया है। इसका मतलब है कि तेल और गैस को खोजना और निकालना अब महंगा हो जाएगा।

गुरुवार को शेयर मार्केट तेजी के साथ खुला और एक समय सेंसेक्स करीब 900 अंक तक ऊपर चला गया था। लेकिन दिन चढ़ने के साथ उसने यह बढ़त काफी हद तक गंवा दी। बीएसई सेंसेक्स 150.30 अंक यानी 0.19 फीसदी तेजी के साथ 80,718.01 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 19.25 अंक यानी 0.08 फीसदी तेजी के साथ 24,734.30 अंक पर बंद हुआ।

महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 8 फीसदी चढ़ा

जीएसटी काउंसिल ने ऑटो सेक्टर को दिल खोलकर राहत दी है। यही वजह है कि आज ऑटो शेयरों में भारी तेजी देखने को मिली। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 7.8 फीसदी तेजी के साथ 3,539.25 रुपये पर पहुंच गया। जानकारों का कहना है कि ट्रैक्टर और एसयूवी पर टैक्स कटौती का सबसे ज्यादा फायदा महिंद्रा को होगा।

ड्रोन पर जीएसटी की दर घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है। इसे ड्रोन इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। आईजी ड्रोन्स के फाउंडर और सीईओ बोधिसत्व संघप्रिय ने कहा कि सरकार के इस कदम से ड्रोन सस्ते हो गए हैं। इससे डिफेंस, सर्विलांस, एग्रीकल्चर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स में ड्रोन के यूज को बढ़ावा मिलेगा।

जीएसटी काउंसिल ने 8 साल पुरानी जीएसटी व्यवस्था में कई बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। इससे बाजार में भी काफी हलचल देखी जा रही है और निवेशकों के पोर्टफोलियो बदल रहे हैं। जीएसटी दरों में बदलाव से सरकार के रेवेन्यू पर 48,000 करोड़ रुपये का असर होगा।

एयर कंडीशनर: पहले 28 फीसदी अब 18 फीसदी
टेलीविजन: पहले 28 फीसदी अब 18 फीसदी
मॉनिटर और प्रोजेक्टर: पहले 28 फीसदी अब 18 फीसदी
डिश-वॉशिंग मशीन: पहले 28 फीसदी, अब 18 फीसदी

पेट्रोल और पेट्रोल हाइब्रिड कारें: पहले 28 फीसदी, अब 18 फीसदी
डीजल और डीजल हाइब्रिड कारें: पहले 28 फीसदी, अब 18 फीसदी
तिपहिया वाहन: पहले 28 फीसदी, अब 18 फीसदी
मोटरसाइकिल (350 सीसी तक): पहले 28 फीसदी, अब 18 फीसदी
माल परिवहन के लिए गाड़ियां: पहले 28 फीसदी, अब 18 फीसदी

ट्रैक्टर टायर और पुर्जे: पहले 18 फीसदी, अब 5 फीसदी
ट्रैक्टर: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी
कीटनाशनक और सूक्ष्म पोषक तत्व: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी
ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंक्लर: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी
खेतीबाड़ी में काम आने वाली मशीनें: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी

जीएसटी काउंसिल ने कई चीजों पर जीएसटी जीरो कर दिया है। वहीं कुछ आइटम्स पर 40 फीसदी टैक्स देना होगा। 12 फीसदी और 28 फीसदी वाले स्लैब हटा दिए गए हैं। इसी तरह हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी पूरी तरह हटा दिया गया है। पहले इस पर 18 फीसदी जीएसटी देना पड़ता था।

मानचित्र, चार्ट्स और ग्लोब: पहले 12 फीसदी, अब 0
पेंसिल, शार्पनर, क्रेयॉन्स और पेस्टल्स: पहले 12 फीसदी, अब 0
अभ्यास बुक और नोटबुक: पहले 12 फीसदी, अब 0
इरेजर: पहले 5 फीसदी, अब 0

इंडिविजुअल हेल्थ एंड लाइफ इंश्योरेंस: पहले 18 फीसदी, अब 0
थर्मामीटर: पहले 18 फीसदी, अब 5 फीसदी
मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी
डायग्नोस्टिक किट और रीजेंट्स: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी
ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी
नजर का चश्मा: पहले 12फीसदी, अब 5फीसदी

जानकारों का कहना है कि जीएसटी सुधारों से बिस्कुट, साबुन, नूडल्स, कॉफी और बटर जैसी चीजों की कीमत में 10 से 15 फीसदी कमी आएगी। इससे मांग बढ़ेगी और एफएमसीजी सेक्टर की बिक्री बढ़ेगी। पिछली पांच तिमाहियों से इस सेक्टर को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
कबसे से लागू होंगे नए रेट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नए रेट 22 सितंबर को नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगे। इससे सरकार की 48,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू लॉस होने की आशंका है।

हेयर ऑयल, शैंपू, टूथपेस्ट, टॉयलेट सोप बार, टूथ ब्रश, शेविंग क्रीम: पहले 18 फीसदी, अब 5 फीसदी
बटर, घी, चीज, डेयरी स्प्रेड: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी
प्री-पैकेज्ड नमकीन, भुजिया और मिक्सचर: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी
फीडिंग बोतलें, नवशिशुओं के नैपकिन्स और क्लिनिकल डायपर: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी
सिलाई मशीन और उसके पार्ट्स: पहले 12 फीसदी, अब 5 फीसदी

जीएसटी काउंसिल ने लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज के प्रीमियम पर जीएसटी खत्म कर दिया है। पहले इस पर 18 फीसदी जीएसटी लगता था। इससे बीमा कंपनियों के शेयरों में काफी तेजी आई है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एलआईसी और दूसरे इंश्योरेंस शेयरों में 6 फीसदी तक तेजी आई है।

जीएसटी सुधारों पर शेयर मार्केट गदगद है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 700 अंक चढ़ गया। निफ्टी में भी 200 अंक की तेजी आई है। जीएसटी काउंसिल ने आठ साल पुरानी व्यवस्था में कई बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। खासकर ऑटो शेयरों में काफी तेजी दिख रही है।

ऑटो स्टॉक्स में आज काफी तेजी दिख रही है। महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, हीरो मोटो और आयशर मोटर्स में 8% तेजी आई है। जीएसटी काउंसिल ने ऑटो सेक्टर के सभी प्रमुख सेगमेंट्स पर जीएसटी की दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी है।

जीएसटी काउंसिल ने 350 सीसी क्षमता तक की मोटरसाइकिल पर जीएसटी में कटौती की है। पहले इन पर 28 फीसदी टैक्स लगता था जिसे अब घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।

मोबाइल पर जीएसटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस पर 18% जीएसटी को बरकरार रखा गया है। इंडस्ट्री लंबे समय से इस पर जीएसटी को घटाकर 5 फीसदी करने की मांग कर रही थी लेकिन जीएसटी काउंसिल ने इसे नहीं माना।

आइसक्रीम पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है। लंबे समय से इंडस्ट्री इसकी डिमांड कर रही थी। इसी तरह हेयर ऑयल, शैंपू, टूथपेस्ट, टॉयलेट बार सोप, टूथ ब्रश और शेविंग क्रीम पर भी जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। (एजेंसियां)

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