हैदराबाद : देश भर में 12 फरवरी 2026 को भारत बंद जारी है. इसके तहत देश के कई केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने किसान संगठनों के साथ मिलकर इस हड़ताल की घोषणा की है. इस बंद का असर बैंकिंग सेवाओं, परिवहन व्यवस्था और सरकारी दफ्तरों पर पड़ा है.

किसान संगठनों के अलावा देशभर के बैंक कर्मचारियों के बड़े संगठन जैसे-एआईबीईए, एआईबीओए और बीईएफआई ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है. इन संगठनों ने अपने सदस्यों से हड़ताल में शामिल होने की अपील की है. उनका कहना है कि नए श्रम कानून और ट्रेड यूनियन से जुड़े नियम कर्मचारियों के अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं.

यह है बंद की वजह
संयुक्त किसान मोर्चा ने भी इस बंद का समर्थन किया है और किसानों से हड़ताल में शामिल होने को कहा है. संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि यह हड़ताल चार नए श्रम कोड, बिजली बिल-2025, बीज बिल-2025 और VB-G RAM G एक्ट-2025 के विरोध में की जा रही है.
यह है संयुक्त किसान मोर्चा की मुख्य मांगें
चार श्रम कानूनों को वापस लिया जाए
पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए
सभी कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन लागू किया जाए
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी दी जाए
बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अधिकार मिले
किसान संगठनों का कहना है कि बिजली बिल-2025 से किसानों और आम उपभोक्ताओं पर बिजली दरों का बोझ बढ़ेगा. इसमें स्मार्ट मीटर और पीक आवर चार्ज लागू करने का प्रावधान है. संयुक्त किसान मोर्चा ने ‘स्मार्ट मीटर नहीं’ और सभी को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग की है.
संगठनों का आरोप
संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया है कि VB-G RAM G एक्ट-2025 के जरिए मनरेगा को कमजोर किया जा सकता है. बीज बिल-2025 को लेकर भी चिंता जताई गई है, कहा गया है कि इससे बीजों की कालाबाजारी बढ़ सकती है. किसान और मजदूर संगठनों ने सभी मुक्त व्यापार समझौतों का भी विरोध किया है. उनका कहना है कि इससे मजदूरों के न्यूनतम वेतन, किसानों के MSP और युवाओं के रोजगार के अधिकार पर असर पड़ सकता है.
ये खुले रहेंगे
अस्पताल, एम्बुलेंस, एयरपोर्ट, फ्लाइट्स और जरूरी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी. प्राइवेट ऑफिस, प्राइवेट ट्रांसपोर्ट (जैसे Ola, Uber) और कई जगहों पर निजी स्कूल-कॉलेज सामान्य चल सकते हैं.
ये बंद रहेंगे
भारत बंद के कारण सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित हो सकता है.
बाजार, थोक मंडियां और दुकानें बंद रह सकती हैं.
सार्वजनिक बैंकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं क्योंकि बैंक कर्मचारी संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं
भारत बंद के चलते आज कई राज्यों में प्रदर्शन और रैलियां होने की संभावना है. आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे बैंक और यात्रा से जुड़ी सेवाओं के बारे में पहले से जानकारी ले और फैसला लें. (एजेंसियां)
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భారత్ బంద్
హైదరాబాద్ : కేంద్ర ప్రభుత్వం తీసుకొచ్చిక కార్మిక చట్టాలకు వ్యతిరేకంగా దేశవ్యాప్తంగా ఉన్న 10 ప్రధాన కార్మిక సంఘాలు, సంయుక్త కిసాన్ మోర్చా ఆధ్వర్యంలో నేడు దేశవ్యాప్త భారత్ బంద్ కు పిలుపునిచ్చారు. 29 పాత కార్మిక చట్టాల స్థానంలో వచ్చిన 4 కొత్త లేబర్ కోడ్లను రద్దు చేయాలని, భారత్-అమెరికా వాణిజ్య ఒప్పందాన్ని ఉపసంహరించుకోవాలని ఈ సందర్భంగా కార్మిక సంఘాలు డిమాండ్ చేస్తున్నాయి. ఈ బంద్లో దేశవ్యాప్తంగా సుమారు 30 కోట్ల మంది కార్మికులు, ఉద్యోగులు పాల్గొంటున్నారు.

ఈ సమ్మె కారణంగా ప్రధానంగా బ్యాంకింగ్, రవాణా రంగాలపై ప్రభావం పడనుంది. AIBEA వంటి పెద్ద బ్యాంక్ యూనియన్లు మద్దతు ఇవ్వడంతో ప్రభుత్వ రంగ బ్యాంకుల్లో నగదు లావాదేవీలు, చెక్కుల క్లియరెన్స్కు ఆటంకం కలగవచ్చు. ఒడిశా, కేరళ, పశ్చిమ బెంగాల్, కర్ణాటక వంటి రాష్ట్రాల్లో బస్సు సర్వీసులు, ఆటోలు, ట్యాక్సీలు పాక్షికంగా నిలిచిపోనున్నాయి. కొన్ని చోట్ల విద్యా సంస్థలు స్వచ్ఛందంగా సెలవు ప్రకటించగా, ప్రభుత్వ కార్యాలయాల్లో హాజరు పై కూడా ప్రభావం చూపే అవకాశం ఉంది.
అత్యవసర సేవలకు మాత్రం భారత్ బంద్ నుండి మినహాయింపునిచ్చారు. ఆసుపత్రులు, అంబులెన్స్ సేవలు, మెడికల్ షాపులు, పాలు, న్యూస్ పేపర్ పంపిణీ యథావిధిగా కొనసాగుతాయి. మెట్రో రైళ్లు, విమాన సర్వీసులు సాధారణంగానే నడుస్తున్నప్పటికీ, స్థానిక రవాణా ఇబ్బందుల వల్ల ప్రయాణికులు స్టేషన్లకు చేరుకోవడం కష్టతరంగా మారవచ్చు. పరిస్థితిని అదుపులో ఉంచేందుకు పోలీసు యంత్రాంగం అన్ని ప్రధాన నగరాల్లో భారీ భద్రతను ఏర్పాటు చేసింది. (ఏజెన్సీలు)
