हैदराबाद : आप इंसान नहीं राक्षस हैं, कहने के लिए इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है। सनातन धर्म कहकर गर्व से भजन करने वाले हम इंसानों को राक्षस बना रहे हैं। भगवान का डर नहीं है। भक्ति तो बिल्कुल नहीं है। वह एक पवित्र शिवालय है, यह बात ही भूल गया वह राक्षस। इतना ही नहीं गर्भगृह में आंखों के सामने शिवलिंग होने पर भी बिना किसी डर के मंदिर के गर्भगृह में नाबालिग पर उस उन्मादी ने बलात्कार का प्रयास किया। यह पूरा मामला सीसी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। यह घटना महाराष्ट्र के पुणे में प्रकाश में आया। इस दृश्य को देखकर पूरा देश स्तब्ध है।
मीडिया में प्रसारित और प्रकाशित खबरों के अनुसार, महाराष्ट्र के पुणे में हुई इस बलात्कार प्रयास की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। पिंपरी-चिंचवड शहर की सीमा में निगडी इलाके में स्थित एक शिवालय में अकेली पूजा करने आई दस साल की बच्ची पर कॉन्ट्रैक्ट मजदूर ने यौन उत्पीड़न किया। पूजा खत्म करके बालिका बाहर आ रही थी, उस समय निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले ऑरेंज कलर जैकेट पहने आरोपी ने मंदिर में प्रवेश किया। बालिका को अकेले देखकर उसने अचानक उसका हाथ पकड़कर जबरदस्ती करने की कोशिश की। हालांकि वह बच्ची जरा भी डरे बिना तुरंत उसे जोर से धक्का देकर वहां से बच निकली।

इस घिनौनी घटना से जुड़े दृश्य मंदिर के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुए है। पीड़िता डर से कांपते हुए रो रही है और आरोपी वहां से भाग गया। वीडियो में यह सब साफ दिखाई दे रहा है। यह सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। पवित्र मंदिर में भी बालिका सुरक्षा नहीं कहते हुए स्थानीय लोग और महिला संगठनों ने विरोध जताया है। सोशल मीडिया में प्रसारित इस घटना की आलोचना होते देख पुलिस हरकत में आई।
निगडी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की और मेट्रो निर्माण कार्यों में संविदा मजदूर के रूप में काम कर रहे विशाल सिंह नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर महेश बनसोडे ने आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के साथ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया।
