नागोया: एशियन गेम्स में भारतीय एथलेटिक्स टीम ने पांच और पदक जीते, जबकि स्क्वैश में दो मेडल मिले हैं। रविवार को लॉन्ग जंप में आंसी सोजन, हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने रजत जीते। डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर, 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल चौधरी और 200 मीटर दौड़ में हरीता भद्रा ने कांस्य जीते। स्क्वैश में अभय और अनाहत सिंह ने रजत जीते।
इससे भारत के पदकों की संख्या कुल 37 हो गई। इसमें 4 गोल्ड, 16 सिल्वर, 17 कांस्य पदक हैं। महिला लॉन्ग जंप में आंसी सोजन 6.53 मीटर के साथ गोल्ड की ओर बढ़ी। लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर कूदकर गोल्ड अपने नाम कर लिया। इससे आंसी को रजत मिला। पुरुष हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने 2.25 मीटर कूदकर रजत हासिल किया। चीनी ताइपे के चाओ-ह्सुआन फू ने भी 2.25 मीटर क्लियर किया, लेकिन कम प्रयासों में ऊंचाई पार करने से गोल्ड जीता।

डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने 7,934 पॉइंट के साथ कांस्य जीता। 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल चौधरी ने 9:08.67 मिनट में रेस पूरी कर अपना नेशनल रिकॉर्ड सुधारा। फिर भी कांस्य से संतोष करना पड़ा। महिला 200 मीटर में हरीता भद्रा 23.20 सेकंड में तीसरे स्थान पर रहकर कांस्य जीता। लॉन्ग जंप में मुरली श्रीशंकर, डेविड सोलोमन, 400 मीटर हर्डल्स में संतोष तमिलरासन, विथ्या रामराज और अनू राघवन ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया।
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एशियन गेम्स स्क्वैश में भारत को दो रजत मिले। पुरुष सिंगल्स में अभय सिंह व महिला सिंगल्स में अनाहत सिंह फाइनल तक पहुंचकर सिल्वर मेडल जीते। लेकिन फाइनल में मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों से हार का सामना करना पड़ा। पुरुष फाइनल में वर्ल्ड 24वें रैंकर अभय को डिफेंडिंग चैंपियन एन इयान यो ने 11-9, 11-5, 11-5 से हराया। पहले गेम में अभय ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन अहम मौके पर मलेशियाई खिलाड़ी ने बाजी मार ली। उसके बाद लगातार दो गेम जीतकर मैच खत्म किया।

महिला फाइनल में 18 साल की अनाहत के सामने वर्ल्ड पांचवीं रैंकर, डिफेंडिंग चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमणियम थी। उन्होंने 11-4, 11-4, 11-7 से अनाहत पर जीत हासिल की। पहले दो गेम में दबदबा दिखाने वाली शिवसंगरी ने तीसरे गेम में भी अहम पॉइंट लेकर खिताब अपने नाम किया। हालांकि एशियन गेम्स में व्यक्तिगत वर्ग में दो भारतीय खिलाड़ियों का फाइनल में पहुंचकर रजत जीतना खास बात है। स्क्वैश में व्यक्तिगत गोल्ड के लिए भारत का इंतजार जारी है। 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई करने का मौका दोनों गंवा बैठे।
