हैदराबाद में एक और बड़ी साइबर ठगी सामने आई है। फेसबुक पर मिली एक महिला की बातों पर भरोसा कर एर्रागड्डा के 44 साल के डॉक्टर ऑनलाइन ट्रेडिंग के जाल में फंस गए और पूरे 14.61 करोड़ रुपये गंवा बैठे। साइबर अपराधियों के बताया कि ज्यादा मुनाफे का लालच देकर किस्तों में करोड़ों रुपये अकाउंट में ट्रांसफर करा लिए गए। आखिर में जब निवेश और मुनाफा वापस लेने की कोशिश की, तब असली बात सामने आई। इस चक्कर में अपनी संपत्तियां बेचकर भी रकम जुटाया है।
एर्रागड्डा के डॉक्टर से कुछ समय पहले फेसबुक मैसेंजर के जरिए मोनिका नाम की एक महिला ने संपर्क किया। शुरू में सामान्य बातचीत करने वाली उस महिला ने धीरे-धीरे डॉक्टर का भरोसा जीत लिया। फिर ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करने पर कम समय में ही भारी मुनाफा होने की बात बताई। उसके भेजे लिंक से डॉक्टर ने एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खोला। पहले छोटी रकम निवेश करने पर वेबसाइट पर भारी मुनाफा दिखने से उन्हें उस प्लेटफॉर्म पर और ज्यादा भरोसा हो गया।
पुलिस को शक है कि साइबर अपराधियों का असली खेल यहीं से शुरू हुआ। डॉक्टर के लगाए पैसे के हिसाब से फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट में मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया। इससे सच में उसका निवेश बहुत बढ़ रहा है, ऐसा सोचकर वह उसके जाल में फंस गया। उसने पुलिस को बताया कि एक समय ट्रेडिंग अकाउंट में करीब 34 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखा । इससे और निवेश करने पर और ज्यादा मुनाफा आएगा, यह सोचकर डॉक्टर ने किस्तों में बड़ी रकम भेजना शुरू कर दिया।
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हाथ में मौजूद नकदी के साथ-साथ अन्य स्रोतों से पैसे जुटाने वाले डॉक्टर ने आखिर में अपना घर भी बेचकर उसे पैसे भेज दिए। पता चला है कि इस तरह साइबर अपराधियों के बताए अकाउंट में कुल 14.61 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। लेकिन वेबसाइट पर दिख रहे भारी मुनाफे को असल में अपने अकाउंट में लेने का समय आने पर हालात पूरी तरह बदल गए। साइबर अपराधियों ने कहा कि पैसा निकालने की कोशिश करने पर तकनीकी समस्या, टैक्स, अन्य चार्ज के नाम पर और रकम देना पड़ता है।
कितनी भी कोशिश करने पर निवेश की रकम या वेबसाइट पर दिख रहा मुनाफा हाथ न आने से डॉक्टर को शक हुआ। वह इस्तेमाल किया गया ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म फर्जी है और सोशल मीडिया पर मिली महिला के जरिए साइबर अपराधियों ने उसे ठगा है, यह समझकर उसने पुलिस से संपर्क किया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो अधिकारियों ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रकम किन-किन अकाउंट में गया, उस रकम को कहां भेजा गया, इस मामले के पीछे कितने लोग हैं, इन एंगल से जांच जारी है। इस घटना से साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नए तरह के फ्रॉड पर फिर चर्चा शुरू हुई है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क बढ़ाकर, फिर निवेश, ट्रेडिंग, क्रिप्टो करेंसी, अन्य आर्थिक लेनदेन के नाम पर पीड़ितों को फंसाना साइबर गिरोहों का आम तरीका बन गया है।
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पुलिस चेतावनी दे रही है कि खासकर फर्जी ट्रेडिंग ऐप, वेबसाइट बनाकर उसमें निवेश की वैल्यू बढ़ती हुई दिखाकर पीड़ितों में भरोसा पैदा किया जा रहा है। सुझाव दे रहे हैं कि स्क्रीन पर दिखने वाला मुनाफा असली बैंक बैलेंस, असली निवेश का मुनाफा नहीं है, यह पहचानना चाहिए। हालांकि ये सिर्फ ट्रेडिंग फ्रॉड तक ही साइबर अपराध सीमित नहीं हैं, कस्टमर केयर, डिजिटल अरेस्ट, शेयर मार्केट, क्रिप्टो करेंसी, पार्ट-टाइम नौकरियां, ऑनलाइन टास्क के नाम पर भी लोगों को ठगने की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं। जांच में सामने आ रहा है कि अपराधी फर्जी वेबसाइट, वर्चुअल नंबर, मैसेजिंग ऐप, डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐसा पुलिस सलाह दे रही है कि अनजान लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर भेजे गए ट्रेडिंग लिंक पर क्लिक न करें, गैर-आधिकारिक ऐप में निवेश न करें, ज्यादा मुनाफे के नाम पर जल्दबाजी में बड़ी रकम ट्रांसफर न करें। ऑनलाइन रकम ठगे जाने का पता चलते ही देर किए बिना 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर जानकारी दें। साथ ही संबंधित बैंक से तुरंत संपर्क कर लेनदेन रोकने की कोशिश करनी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, ठगी गई रकम को फ्रीज करने का उतना मौका रहेगा। सोशल मीडिया पर मिले लोगों की बातों पर ही भरोसा कर बड़ा निवेश न करें, निवेश करने वाली कंपनी, प्लेटफॉर्म की आधिकारिकता पहले जांचना बेहद जरूरी है।

One thought on “एक बार फिर बड़ा साइबर फ्रॉड, फेसबुक पर मिली महिला, झांसे में आया डॉक्टर, गंवाए करोड़ों रुपये, कृपया याद रखें पुलिस का यह सुझाव”