हैदराबाद: आरोप हैं कि पड़ोसी बांग्लादेश से लोग रोजगार के लिए भारत में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से घुस आए हैं। दलीलें दी जा रही है कि बंगाल के रास्ते भारत में घुसे ये लोग पूरे देश में फैल गए हैं। बीजेपी नेताओं ने कई बार आरोप लगाया है कि हैदराबाद में भी हजारों बांग्लादेशी और रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे हैं। बंडी संजय जैसे नेताओं ने चेतावनी दी है कि अवैध रूप से आए बांग्लादेशी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और इनसे अपराध बढ़ने का खतरा है।
बांग्लादेश से आकर इंडिया में काम करना ही नहीं, यहां रोजगार का लालच देकर भोली-भाली महिलाओं को बांग्लादेश से अवैध तस्करी करके लाया जा रहा है और यहां आने के बाद उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेला जा रहा है। परदेस में जहां कोई जान-पहचान नहीं है, वहां कई महिलाएं बेसहारा हालत में वेश्यावृत्ति के दलदल में फंस रही हैं। 2019 में हुई ऐसी ही एक घटना में हैदराबाद की NIA कोर्ट ने 8 बांग्लादेशियों समेत एक और को दोषी ठहराया। उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। उन पर 1.37 लाख रुपये जुर्माना लगाने वाली अदालत ने वो पैसे न भरने पर 3 महीने की और सामान्य जेल की सजा देने का आदेश दिया।
सितंबर 2019 में हैदराबाद के बाहरी इलाके जलपल्ली में वेश्यावृत्ति कराते हुए तीन बांग्लादेशी महिलाओं को बचाने वाली हैदराबाद पुलिस ने हैदराबाद बालापुर के महमूद कॉलोनी में एक घर से एक और महिला को बचाकर आरोपियों पर केस दर्ज किया था। ये दो देशों के बीच हुआ संगठित अपराध होने, राष्ट्रीय सुरक्षा का एंगल होने के साथ-साथ इसके पीछे के बड़े गिरोहों का पर्दाफाश करने के इरादे से 12 अक्टूबर 2019 को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने इस केस को अपने हाथ में लेकर फिर से केस रजिस्टर किया। मानव तस्करी के केसों की भी NIA जांच करे, इसके लिए जुलाई 2019 में भारतीय संसद ने NIA कानून में संशोधन किया था। इससे देश में NIA द्वारा दर्ज किया गया पहला मानव तस्करी का मामला बनकर ये पहचान पा गया।
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इस मामले की गहराई से जांच करने वाली NIA ने 17 अक्टूबर 2020 को 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इनमें A1, A3, A7 फरार हैं। जांच के दौरान 2019, 2020 के बीच रूहुल अमीन धाली (A2), मोहम्मद यूसुफ खान उर्फ एमडी इमरान (A4), बिती बेगम उर्फ खदीजा शेख (A5), इमामुल गाजी उर्फ मोहम्मद राणा हुसैन (A6), मोहम्मद अल मामून (A8), सोजिब शेख (A9), सुरेश कुमार उर्फ सागर (A10), मोहम्मद अब्दुल्ला मुंशी उर्फ अब्दुल सरकार (A11), मोहम्मद आयूब शेख (A12) को तेलंगाना के साथ बंगाल में पहचान कर गिरफ्तार किया गया।
