हैदराबाद: भारत सरकार की कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BHEL) के गुरुग्राम स्थित सिलिकॉन सोलर सेल प्लांट में चांदी गायब होने की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। प्लांट में करीब 31 किलो 650 ग्राम चांदी गायब होने से CBI ने मोर्चा संभाल कर केस दर्ज किया है।
इस गड़बड़ी के पीछे प्लांट हेड, एडिशनल जनरल मैनेजर डॉ. भरत कुमार पंत और तत्कालीन मटीरियल मैनेजमेंट इंचार्ज आशीष कुमार की भूमिका होने की बात CBI की शुरुआती जांच में सामने आई है। अनुशासनहीनता, आपराधिक साजिश, सबूत मिटाना, सरकारी कर्मचारियों द्वारा विश्वासघात जैसी धाराओं के तहत CBI ने इस पर केस दर्ज किए हैं।
2016-17 तक केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के फंड से करीब 35 किलो से ज्यादा चांदी उपलब्ध थी। लेकिन फरवरी 2024 में किए गए फिजिकल वेरिफिकेशन में सिर्फ 6 किलो 230 ग्राम ही होने का पता चला। बाकी 31 किलो 650 ग्राम चांदी का कोई हिसाब न होने से घोटाला सामने आया।
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2019 में प्लांट की जिम्मेदारी भरत कुमार पंत के संभालने के बाद ही असली समस्या शुरू हुई। उसके बाद सालाना जांच पूरी तरह बंद हो गई। CBI जांच में सामने आया है कि स्टॉक रजिस्टर, इन्वेंटरी रिपोर्ट गायब हो गए, जबकि चांदी के इस्तेमाल और मूवमेंट का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
इस घोटाले में कुछ और अधिकारियों की भूमिका पर भी शक जताया जा रहा है। जांच के दौरान अधिकारियों ने बेतुके जवाब दिए, जिससे CBI धोखाधड़ी के बारे में पूरी जानकारी निकाल रही है। फिलहाल मार्केट रेट के हिसाब से इस चांदी की कीमत लगभग 71 लाख रुपये होने का अंदाजा है।

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