हैदराबाद : कल तक सोना अब मिलेगा ही नहीं जैसा माहौल था। दाम चाहे जो भी हो खरीदने के लिए लोगों की होड़ दिखाई दे रही थी। सिर्फ तेलुगु राज्यों में ही नहीं पूरे देश में यही ट्रेंड चल रहा था। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के प्रतिबंधों की घोषणा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय हालात बदलने से अब सीन उल्टा हो गया है। व्यापारी कह रहे हैं कि हैदराबाद शहर में भी सोने की बिक्री भारी मात्रा में घट गई है।

आइए देखते हैं इस स्थिति के असली कारण क्या हैं-
देश में सबसे ज्यादा खरीद क्षमता वाले शहरों में से एक हैदराबाद में भी सोने-चांदी की बिक्री पिछले कुछ महीनों से गिर रही है। इस साल मार्च और अप्रैल महीनों में दाम ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड पर पहुंचने से हैदराबाद बुलियन मार्केट में खरीदारी अचानक घट गई। व्यापारी वर्ग कह रहा है कि फिलहाल दाम कुछ हद तक कम हुए हैं, फिर भी मार्केट में सुस्ती बनी हुई है।
हैदराबाद के प्रमुख बाजारों (पैटनी, जनरल बाजार, सोमाजीगुडा, कूकटपल्ली, पंजाबगुट्टा, अमीरपेट, दिलशुख नगर, मेहदीपट्नम, बशीर बाग, आबिड्स व कोठी) में बड़े पैमाने पर गोल्ड शोरूम हैं। आम दिनों में हैदराबाद शहर में रोज औसतन 150 से 200 किलो तक सोना- आभूषणों और सिक्कों के रूप में बिकता है।
Also Read-
साथ ही 1.5 से 2 टन तक चांदी की बिक्री होती है। दाम बेतहाशा बढ़ने, उसके बाद मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव आने से फिलहाल रोजाना बिक्री 35 फीसदी से 40 फीसदी तक गिर गई है। आमतौर पर शादी, त्योहारों के सीजन (उगादी, बोनालु, अक्षय तृतीया) वाले महीनों में हैदराबाद में महीने भर में 4 से 5 टन सोना, करीब 40 से 50 टन चांदी का कारोबार होता है।
सॉफ्टवेयर, फार्मा सेक्टर के विस्तार से शहर में खरीद क्षमता ज्यादा होना इसकी वजह है। फिर भी, मौजूदा हालात को देखते हुए जरूरी शादी वाले ग्राहकों को छोड़कर, आम खरीदार बाजार आने में हिचक रहे हैं।
पहले सोना खरीदकर लॉकर में रख देते थे। इससे देश की अर्थव्यवस्था को ज्यादा फायदा नहीं होता। इसलिए युवा, निवेशक अब डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF की तरफ मुड़ रहे हैं। फोनपे, पेटीएम जैसे फिनटेक ऐप्स के जरिए सिर्फ एक रुपये से भी सोना खरीदने की सुविधा होने से 20 से 35 साल की उम्र वाले युवा डिजिटल गोल्ड में निवेश कर रहे हैं।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक पिछले साल डिजिटल गोल्ड की खरीद 69 फीसदी बढ़कर 13.5 टन तक पहुंच गई। फिलहाल घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.45 लाख रुपये है। व्यापारी बता रहे हैं कि आने वाले 6 महीनों में मार्केट में यह दाम घटने की संभावना है। दाम 1.33 लाख रुपये या 1.26 लाख तक नीचे आ सकता है।
