नोट- दुनिया का सबसे बड़ा पागल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खोमेनेई की हत्या कर दी है। खोमेनेई की हत्या के बाद यह एक बार सिद्ध हो चुका है जो देश उसके सामने नहीं झुकता उसका सर्वनाश करना अमेरिका की नीति है। इसी क्रम में ईराक के पूर्व राष्ट्रपित सद्दाम हुसैन को फांसी दी गई। इसके बाद लिबिया के प्रमुख कर्नल गडाफी को मौत के घाट उतारा गया। इस समय पूरी दुनिया पर तरह – तरह के टैरिफ लगाकर परेशान कर रहा है। जो देश उसकी चाटुकारिता करता है। उस पर नरमी बरत रहा है। यदि दुनिया के देशों पर अमेरिका इसी तरह हमले करता रहा तो कब तक खामोश बैठकर देखते रहेंगे ? इसीलिए वक्त रहते ही अमेरिका को सबक सीखाने के लिए दुनिया के सभी देशों को एकजुट हो जाना चाहिए। वर्ना एक दिन हम सबकी मौत पक्की है।
हैदराबाद : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की सरकारी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। रविवार सुबह ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने बताया कि ईरान के सुप्रीम लीडर शहीद हो गए हैं। ईरान की तस्नीम और फार्स न्यूज एजेंसी ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। इसके पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट में खामेनेई के मारे जाने की घोषणा की थी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई, मर गए हैं।’
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़ी FARS न्यूज एजेंसी ने बताया कि सरकार ने अली खामेनेई की हत्या के बाद 40 दिन का सार्वजनिक शोक घोषित किया है। इसके साथ ही देश में सात दिन की छुट्टी की भी घोषणा की है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने खामेनेई की हत्या के बारे में जानकारी दी है। खामेनेई को तेहरान स्थित उनके कंपाउंड में मारा गया। इसमें कहा गया है कि सुप्रीम लीडर की हत्या उनके ऑफिस में उस समय कर दी गई, जब वह अपनी ड्यूटी कर रहे थे। सैटेलाइट तस्वीरें में कंपाउंड से काला धुआं उठता हुआ दिखा।
ईरानी टेलीविजन पर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर देते समय एंकर रोने लगा। साथ ही एंकर ने बदला लेने की कसम खाई है। अल जजीरा टीवी ने बताया है कि खामेनेई की हत्या के बाद राजधानी तेहरा में लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। इस बीच राजधानी में एक बड़े धमाके की आवाज सुनी गई है।
गौरतलब है कि अली खामेनेई ने 1989 में अपने पूर्ववर्ती अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद देश के सुप्रीम लीडर की कमान संभाली थी। रूहोल्लाह खुमैनी वो शख्स थे, जिन्होंने ईरान की क्रांति का नेतृत्व किया। लेकिन वो अली खामेनेई ही थे, जिन्होंने ईरान के मिलिट्री और पैरामिलिट्री सिस्टम को तैयार किया, जिसने न सिर्फ ईरान पर हमलों का मुकाबला किया बल्कि देश के बाहर भी जाकर प्रॉक्सी तैयार किए। सुप्रीम लीडर बनने से पहले खामेनेई ने 1980 के दशक में इराक के साथ खूनी युद्ध के दौरान राष्ट्रपति के तौर पर ईरान का नेतृत्व किया था।
