हैदराबाद: केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि पहले के शासक तेलंगाना मुक्ति (विमोचन) दिवस को भूल गये हैं। किशन रेड्डी शनिवार को मेडचल जिले के पोचारम नगर पालिका में रह रहे स्वतंत्रता सेनानी शोएबुल्लाह खान के परिवार से मुलाकात की। इस अवसर उन्होंने बताया कि निजाम और राजाकारों के खिलाफ लड़ने वाले योद्धाओं को केंद्र सरकार की ओर से याद किया जा रहा है और उनके परिवारों को सम्मानित किया जा रहा है।
रेड्डी ने आगे कहा कि 17 सितंबर को हैदराबाद में होने वाले मुक्ति दिवस समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले किसी भी सरकार की ओर से तेलंगाना मुक्ति दिवस का आयोजन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि केसीआर सरकार तानाशाही कर रहे हैं और भाजपा नेताओं के खिलाफ अवैध मामले दर्ज कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि 17 सितंबर को पूरे साल तेलंगाना मुक्ति दिवस मनाने की व्यवस्था की जा रही है। केंद्र सरकार उन स्वतंत्रता सेनानियों की पहचान कर रही है जिन्हें स्वतंत्रता आंदोलन में सम्मान नहीं मिला था। केंद्र सरकार अब उन्हें सम्मानित करने जा रही है।

इसी क्रम में किशन रेड्डी ने आज बेगम बाजार में वंदेमातरम् रामचंद्र राव के परिवार से भी मुलाकात की। वंदे मातरम रामचंद्र राव ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उस्मानिया विश्वविद्यालय में वंदेमातरम् का नारा लगाया था। इसके चलते उन्हें जेल में डाला था।
किशन रेड्डी ने कहा कि 75 साल के आजाद देश में निजाम के खिलाफ आंदोलन करने वाले वीरों को पहचान नहीं मिली है। इस बात को ध्यान मे रखते हुए केंद्र सरकार एक साल तक तेलंगाना के वीरों याद किया जाएगा और उनका जन्मदिन और पुण्यतिति को भव्य रूप से मनाने का संकल्प लिया है।
उन्होंने कहा कि 1948 में तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने हैदराबाद शहर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था और निजाम के शासन के अंत की घोषणा की थी। किशन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि इस साल गृहमंत्री अमित शाह 17 सितंबर को हैदराबाद शहर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
