हैदराबाद : साहित्य सेवा समिति की 125वीं मासिक गोष्ठी समिति के अध्यक्ष डॉक्टर दया कृष्ण गोयल व समिति महामंत्री ममता जायसवाल की उपस्थिति में संपन्न हुई। कार्यक्रम का प्रारंभ नीमा देवी के मां शारदा वंदना के द्वारा किया गया। इस दौरान समसामयिक विषय “क्या शक्तिशाली ही शांति की स्थापना कर सकते हैं” इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई।
डॉ दया कृष्ण गोयल के स्वागत भाषण के उपरांत मंजू भारद्वाज ने विषय की प्रस्तावना देते हुए सशक्त रूप से यह कहा कि शक्तिशाली ही शांति की स्थापना कर सकता है, पर शक्ति आत्म नियंत्रित होना आवश्यक है। विषय को विस्तार देते हुए डॉक्टर सुपर्णा मुखर्जी ने प्रमुख प्रवक्ता के रूप में घरेलू धरातल से विश्व धरातल तक सभी मुद्दों को शांति और शक्ति के साथ जोड़ा।
इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए अभिजीत पाठक ने प्राचीन व आधुनिक उदाहरण द्वाराअनिवार्य रूप से शांति हेतु शक्ति का होना जरूरी माना। सी. पी. दायमा का मानना है कि सामूहिक शक्ति समाज को नई दिशा दे सकती है। सुनीता लुल्ला ने कहा कि हमारे अवतार सदैव यह दर्शाते हैं कि शक्ति शांत समाज के लिए अनिवार्य है।
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महामंत्री ममता जायसवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि शक्तिशाली को उचित अवसर का उपयोग कर विश्व शांति की स्थापना के लिए अपने कदम दृढ़ता से रखना चाहिए। राजेंद्र रुंगटा, मनोरमा शर्मा, उमेश चंद्र यादव का भी यह मानना है कि शांति हेतु शक्ति का होना अनिवार्य है। समग्र रूप से यह दृष्टिकोण सशक्त रूप से चर्चा उपरांत सामने आया कि विवेकशील शक्ति द्वारा शांति की स्थापना की जा सकती है और आविवेकशील शक्ति समाज को देश को व विश्व को भ्रष्ट कर सकती हैं।
सारगर्भित विचार गोष्ठी उपरांत काव्य गोष्ठी प्रारंभ की गई गरिमामय कवियों ने गजल, गीत, नवगीत, कविता, व्यंग, मुक्तक, दोहे आदि सुंदर प्रवाह में प्रस्तुत किये। दर्शन, वीर रस, श्रृंगार रस, सावनी बौछारों ने गोष्ठी को मुग्ध कर दिया। डॉ दया कृष्ण गोयल, सुनीता लुल्ला, सत्य प्रसन्न, सी.पी. दायमा, विनीता शर्मा, ममता जायसवाल, अभिजीत पाठक, विनोद गिरि अनोखा, उमेश चंद यादव, दया कृष्ण, तृप्ति मिश्रा, मंजू भारद्वाज, मनोरमा शर्मा, बैजनाथ सुनहरे, भगवती अग्रवाल, राजेंद्र रुंगटा, इंदू सिंह, वर्षा शर्मा,रेखा अग्रवाल, रेखा देवी, रमा आदि ने मनमोहन प्रस्तुतियां दी।
सुनीता लुल्ला ने दोनों सत्रों के विषय में अपने विचार संदेश रखें। तृप्ति मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। दोनों सत्रों का सफल संचालन महामंत्री ममता जायसवाल ने किया। उमेश चंद यादव का पूर्ण तकनीकी सहयोग रहा। गीता अग्रवाल ने मीडिया प्रभार संभाला।
