साहित्य सेवा समिति की मासिक गोष्ठी में गूंज उठा यह विषय, वक्ताओं ने की अंकुस लगाने की मांग, पढ़ेंगे तो ही जानेंगे

हैदराबाद: साहित्य सेवा समिति की 124 वीं मासिक गोष्ठी का सफल आयोजन रविवार को किया गया। यह गोष्ठी दो सत्रों में आयोजित की गई। दोनों सत्रों का संचालन गीता अग्रवाल किया। प्रथम सत्र का प्रारंभ डॉ दया कृष्ण गोयल की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में सुधा ठाकुर द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। तत्पश्चात स्वागत भाषण डॉक्टर गोयल ने दिया।

शुभ्रता निगम ने प्रस्तुत विषय “सोशल मीडिया में पैदा होते जयचंद और उसका देश की सुरक्षा को खतरा” विषय पर परिचय दिया। तत्पश्चात अभिजीत पाठक ने विषय पर सिंहावलोकन करते हुए विषय के समस्त पहलुओं को वैश्विक आधार से जोड़कर भारतीय धरातल पर घटित होने वाले घटनाक्रमों को पौराणिक और आधुनिक प्रसंगों से जोड़ते हुए विषय के साथ पूर्ण न्याय किया।

इसी विषय क्रम में गंगाधर वानोडे, सुनीता लुल्ला, सत्य प्रसन्न, ममता जायसवाल, गीता अग्रवाल, जी परमेश्वर, दर्शन सिंह, सुधा ठाकुर, राजेंद्र रुंगटा आदि ने अपने विचार रखें। तृप्ति मिश्रा की इस सत्र में विशेष रूप से उपस्थित रही है। सभी साहित्यकारों के मन में देश सुरक्षा के प्रति निष्ठा और साजिश कारो के लिए असीम क्रोध और संविधान में कानून के द्वारा सोशल मीडिया के प्रयोग पर कुछ अंकुश लगाने की सरकार से मांग की।

यह भी पढ़ें-

काव्य गोष्ठी में कविवर सी. पी. दायमा. सत्य प्रसन्न, अभिजीत पाठक, दर्शन सिंह, उमेश श्रीवास्तव, नवांकुर, जी परमेश्वर, राजेंद्र रुंगटा, उमेश चंद यादव, सुनीता लुल्ला, डॉ अर्चना पांडे, ममता जायसवाल, गीता अग्रवाल, सुधा ठाकुर, रंजीता पांडे, वर्षा शर्मा आदि कवियों ने गीत, गजल, कविता, कुंडलियां, नवगीत आदि विविध विविधताओं का प्रस्तुतीकरण किया। सुनीता लुल्ला ने काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता की और अंत में अध्यक्ष भाषण व धन्यवाद ज्ञापन का संयुक्त रूप से सफल भार वहन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Recent Comments

    Archives

    Categories

    Meta

    'तेलंगाना समाचार' में आपके विज्ञापन के लिए संपर्क करें

    X