हैदराबाद: सोमवार को देश में दिवाली है। 25 अक्तूबर को साल का आखिरी सूर्यग्रहण। फिर गोवर्धन पूजा है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक अमावस्या तिथि पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हुए दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। मगर इस बार दिवाली के फौरन बाद ही आंशिक सूर्यग्रहण लगेगा। कई वर्षों बाद दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा न होकर एक दिन का अंतर है। दिवाली और गोवर्धन पूजा के बीच सूर्य ग्रहण का ऐसा संयोग कई वर्षो बाद हो रहा है। यह सूर्य ग्रहण तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में शाम 4:59 बजे दिखाई देगा। ग्रहण कम से कम 49 मिनट तक रहेगा।
एक गणना के अनुसार पिछले 1300 वर्षों बाद सूर्य ग्रहण दो प्रमुख त्योहार के बीच पड़ने के साथ बुध, गुरु, शुक्र और शनि सभी अपनी-अपनी राशि में मौजूद रहेंगे। साल का यह आखिरी आंशिक सूर्यग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में सूर्यग्रहण दिखाई देने से इसका सूतक काल मान्य होगा। इसके कारण ग्रहण से संबंधित धार्मिक मान्यताएं का पालन किया जाएगा/जाएगी। आइए जानते हैं 25 अक्तूबर को लगने वाले सूर्य ग्रहण से संबंधित सभी जानकारियां-
भारत में कितने बजे शुरू होगा सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को 16.22 से 17.42 तक रहेगा यानी सूर्य ग्रहण की समय अवधि 1 घंटे 19 मिनट है। वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार सूर्यग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर ही लगता है। इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि 25 अक्तूबर और इसी दिन आंशिक सूर्य ग्रहण लगेगा। देश के खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार दिवाली के बाद लगने वाला सूर्य ग्रहण देश के उत्तरी और पश्चिमी भागों में आसानी के साथ देखा जा सकेगा, जबकि पूर्वी भागों में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा। क्योंकि यहां पर सूर्यास्त जल्दी हो जाएगा। भारत में ग्रहण की शुरुआत शाम के 4 बजे के बाद ही होगी।
देश में दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू, श्रीनगर, लेह और लद्दाख
सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। देश के दक्षिण भारत के हिस्से जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक, मुंबई, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और बंगाल में कुछ समय के लिए सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। देश के पूर्वी भागों में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नागालैंड में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। ज्योतिष गणना के अनुसार दिवाली के बाद यानी 25 अक्तूबर को लगने वाला सूर्यग्रहण तुला राशि में लगेगा।
25 अक्तूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। फिर 08 नवंबर को पूर्ण चंद्र ग्रहण भी लगेगा। यह सूर्य ग्रहण दुनिया के यूरोप, उत्तरी-पूर्वी अफ्रीका, मध्य और पश्चिमी एशिया, ऐशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और प्रशांत महासागर में दिखाई देगा। इस साल दीवाली के अगले दिन सूर्य ग्रहण का योग और ग्रहों का योग 1300 सालों बाद बना रहा है। ग्रहण के समय चार ग्रह खुद की राशि में मौजूद रहेंगे। इसमें बुध, गुरु, शनि और शुक्र सभी चारों ग्रह अपनी-अपनी राशि में मौजूद रहेंगे। जबकि शनि मकर राशि में, गुरु अपनी मीन राशि में, बुध कन्या राशि में तथा शुक्र तुला राशि में रहेंगे। (एजेंसियां)
సూర్యగ్రహణం, హైదరాబాద్లో ఏ సమయం కనిపిస్తుందంటే..?
హైదరాబాద్ : ఈ నెల 25న ఏర్పడబోయే పాక్షిక సూర్యగ్రహణం కోసం ప్రపంచమంతా ఎదురుచూస్తోంది. ఎందుకంటే ఈ పాక్షిక సూర్యగ్రహణం 27 ఏండ్ల తర్వాత ఏర్పడబోతున్నది. ఇప్పుడు తప్పితే మళ్లీ పాక్షిక సూర్యగ్రహణం 2025 మార్చి 29న చోటు చేసుకోనుంది. కాకపోతే దీన్ని మన దేశంలో వీక్షించలేం. తిరిగి 2032 నవంబర్ 3న ఏర్పడే పాక్షిక సూర్యగ్రహణం మన దేశంలో కనిపిస్తుంది. కాబట్టి అక్టోబర్ 25న ఏర్పడబోయే పాక్షిక సూర్యగ్రహణం కోసం ప్రజలంతా ఎదురుచూస్తున్నారు.
మరి ఇండియాలో ఎక్కడెక్కడ కనిపిస్తుందంటే..?
కోల్కతాలోని ఎంపీ బిర్లా ప్లానిటోరియం వెల్లడించిన వివరాల ప్రకారం.. దేశంలోని పశ్చిమ, మధ్య ప్రాంతాల్లో సూర్యాస్తమయానికి ఒక గంట ముందు కొన్ని నిమిషాల పాటు పాక్షిక సూర్య గ్రహణం కనిపించనున్నట్లు పేర్కొంది. పోరుబందర్, గాంధీ నగర్, ముంబై, శిల్వాసా, సూరత్, పనాజీ ప్రాంతాల్లో సూర్యగ్రహణం కనిపించనున్నట్లు తెలిపింది. గరిష్ఠంగా ఒక గంట 45 నిమిషాల పాటు పాక్షిక సూర్యగ్రహణం కనబడుతుంది. అందులో ఎక్కువ సమయం గుజరాత్లోని ద్వారకాలో కనువిందు చేయనుంది. ఢిల్లీలో అయితే సాయంత్రం 4:29 గంటల నుంచి 5:30 గంటల వరకు గ్రహణం కనిపించనుంది. తెలంగాణ రాజధాని హైదరాబాద్లో అయితే సాయంత్రం 4:59 గంటలకు గ్రహణం కనిపించనుంది. కనీసం 49 నిమిషాల పాటు కనివిందు చేయనుంది.
అయితే ఈ సమయంలో 43 శాతం సూర్యుడిని అస్పష్టంగా చూడగలుగుతామని చెప్పింది. పాక్షిక సూర్యగ్రహణాన్ని వీక్షించాలనుకునే వారు తప్పనిసరిగా సోలార్ గాగూల్స్ ను ఉపయోగించాలి. ఇక ఐజ్వాల్, దిబ్రుగర్హ్, ఇంఫాల్ ఇటానగర్ కోహిమా, సిల్చార్, అండమాన్ నికోబార్ దీవుల్లో గ్రహణం అసలే కనబడదు.
పాక్షిక సూర్యగ్రహణం అంటే..?
సూర్యుడు, చంద్రుడు, భూమి సరిగ్గా ఒకే కక్ష్యలో లేనప్పుడు.. సూర్యుడి ఉపరితలంలో కొంత భాగం చీకటిగా మారినప్పుడు పాక్షిక సూర్య గ్రహణంగా పేర్కొంటారు. పాక్షిక సూర్య గ్రహణంలో ఆరంభం, గరిష్ఠం, ముగింపు అని మూడు భాగాలు ఉంటాయి. ఆరంభంలో చంద్రుడు సూర్యుడి డిస్క్ లోకి ప్రవేశిస్తాడు. ఆ తర్వాత సూర్యుడిలో అధిక భాగాన్ని కప్పేస్తాడు. ఆ తర్వాత క్రమంగా పక్కకు జరుగుతాడు.
