हैदराबाद: बहुजन समाज पार्टी के तेलंगाना समन्वयक आरएस प्रवीण कुमार बहुजनों का तेलंगाना बनाने के लिए रविवार (6 मार्च) से एक लंबी यात्रा पर निकल रहे हैं। इस यात्रा के दौरान एससी, एसटी, बीसी, अल्पसंख्यक, उच्च जाति के गरीब तबकों से मिलेंगे और समाज में उनकी प्राथमिकता के बारे में बताने का प्रयास करेंगे। मुख्य रूप से पृथक तेलंगाना के लिए बलिदान जनता दिये और इसका फल अग्रवर्ण के लोग भोग रहे है। यह प्रवृत्ति बदलनी चाहिए। इसी लक्ष्य को साकार करने का प्रवीण ने संकल्प लिया।
प्रवीण के इस यात्रा का उद्देश्य बहुजनों को सत्ता का अधिकार (राज्याधिकार) क्यों चाहिए? यह लोगों को समझाना ही यात्रा का मुख्य लक्ष्य हैं। इस महीने की 6 तारीख से आरंभ होने वाली यात्रा एक साल तक चलेगी। लड़कर हासिल किये गये तेलंगाना में डेढ़ साल में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी पार्टियां प्रयत्न आरंभ किये हैं। आने वाले चुनाव में केसीआर की तानाशाही को खत्म करने की कुछ पार्टी के नेताओं ने आह्वान किया है। इस पूरे मामले में एक बात साफ दिखाई दे रहा है कि तेलंगाना में केसीआर के प्रति जनता का विरोध हैं। अगर यह विरोध इसी तरह जारी रहा तो लोग वोट के हथियार से केसीआर को सबक सिखाएंगे। यदि उच्च जातियां फिर से सत्ता प्राप्त करती हैं, तो लोगों को सबसे अधिक नुकसान होगा। इसलिए बसपा नेता प्रवीण कुमार यात्रा के माध्यम से लोगों को लामबंद करने की कोशिश कर रहे हैं।
सभी की आंसू भरी दास्तां…
तेलंगाना में इस समय किसी से बात करें तो आंसू भरी दास्तां की कहानियां सुनाई देते हैं। जनता के बलिदान की नींव पर गठित तेलंगाना आज उच्च जातियों की आधिकारिक संपत्ति के रूप में बदल गई है। दिये गये आश्वासनों को भी पूरा नहीं किया गया। इसलिए लोग तेलंगाना में बदलाव चाह करे हैं। इन तथ्यों से स्पष्ट होता है कि तेलंगाना में आगामी विधानसभा चुनाव बेहद अहम हो गये हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम के रूप में बहुजन राज्याधिकार यात्रा के साथ प्रवीण कुमार लोगों के सामने आ रहे हैं। बहुजन राज्याधिकार यात्रा के नाम पर शुरू होकर बहुजन आंदोलन विशाल जनसभाओं के साथ जारी रहेगा। तेलंगाना में जनता को एक जुट करने और जनसंख्या के आधार पर लोगों के हिस्से को सुरक्षित करना मुख्य उद्देश्य है। सैकड़ों सालों से शासक वर्गों के शोषण के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए यह यात्रा है। प्रवीण इस मौके पर बहुजन यानी एससी, एसटी, बीसी, अल्पसंख्यक और सवर्ण गरीबों से सीधे मुलाकात करेंगे। प्रदेश के 33 जिलों में यात्रा करके जनता की मुश्किले और सुझावों से अवगत होंगे। बहुजन राज्य में हर समस्या के समाधान करने आश्वासन देने वाले हैं। बसपा प्रमुख मायावती 15 जनवरी को अपने जन्मदिन पर एक भव्य सामूहिक राज्याधिकार यात्रा शुरू करने का फैसला किया थाष लेकिन कोरोना के कारण स्थगित कर दिया गया।
सरदार सर्वाई पापन्ना गौड़ से पहचान…
तेलंगाना के मुलुगु जिले का खिलाशपुर गांव को बहुजन सम्राट सरदार सर्वाई पापन्ना गौड़ के कारण अपार पहचान मिली है। यहीं पर पापन्ना का जन्म हुआ था। इसी खिलाशपुर से पापन्ना के इतिहास को बताते हुए तेलंगाना में बहुजन राज्याधिकार यात्रा शुरू हो रही है। राजशाही व्यवस्था के साये में जमींदार और जागीरदार की अराजकता को अंत किया गया जन्मस्थल खिलाशपुर है। सर्वाई पापन्ना गौड़ बहुजन समाज के लिए एक आदर्शवादी नेता रहे है। उन्होंने मुगल शासकों के वर्चस्व को दफनाकर बहुजन साम्राज्य की स्थापना की। एक बहुजन व्यक्ति आधुनिक हथियारों से लैस होकर राजाओं का सामना किया। गोलकोंडा किले पर विजयी ध्वज फहराया। मगर इतिहास के पन्नों में उनकी कीर्ति को नहीं लिखा है। उत्तर भारत में विदेशियों से देश की छत्रपति शिवाजी महाराज ने रक्षा की और दक्षिणी भारत में सर्वाई पापन्ना गौड़ ने जनता सामंती व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह किया और तेलंगाना की धरती पर जनता के राज्य का निर्माण किया। सर्वाई पापन्ना गौड़ के ऐतिहासिक विरासत को फिर से हासिल करने वाले नेता के लिए बहुजन समाज एक ऐसे नेता की प्रतीक्षा कर रहा है। बहुजन समाज का मानना है कि ऐसे हालात में आईपीएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आने वाले प्रवीण कुमार इसके लिए सही नेता हैं। बसपा में शामिल होने के बाद से न केवल पार्टी में बल्कि पूरे बहुजन समुदाय में एक हलचल पैदा हो गई है।
पार्टी के लिए प्रवीण कुमार की कड़ी मेहनत…
प्रवीण कुमार बहुजन राज्य के लिए प्रदेश भर का दौरा कर रहे हैं। लोगों में उनके प्रति पर भरोसा हो रहा है। हर जगह भव्य स्वागत कर रहे हैं। केसीआर की तानाशाही से लोग नाराज हैं। अब पूरे तेलंगाना में 300 दिनों तक बहुजन राज्याधिकार यात्रा जारी रहेगी। बहुजन राज्य की स्थापना के लिए एक और कांशीराम की तरह प्रवीण कुमार को युवा और बुद्धिजीवी उनके समर्थन में आगे आ रहे हैं। प्रवीण कुमार ने अपनी 23 साल की आईपीएस सेवा में लगातार लोगों के कल्याण के लिए काम किया है। नौ साल तेलंगाना का गुरुकुल स्कूलों के सचिव के रूप में उन्हें कई सफलताएं हासिल की। माता-पिता को भी शिक्षा का हिस्सा बनाया। स्वारोवस्की नेटवर्क (Swarovski Network) की स्थापना की ओर सभी पूर्व छात्रों को एकजुट करने का श्रेय प्रवीण कुमार को दिया जाता है। प्रवीण कुमार ने घोषणा की कि लोगों के लिए बहुत करना बाकि है मानकर महामहिम ज्योतिराव पूले, छत्रपति साहू महाराज, नारायणगुरु, पेरियार, बी. आर. अम्बेडकर और कांशीराम विचारों को विस्तार के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। उनकी दार्शनिक नींव बहुजन नेतृत्व में ही तेलंगाना में बहुजनों की जिंदगी में बदलाव मौका है।
यात्रा सफल हुई तो…
यदि प्रवीण की बहुजन राज्याधिकार यात्रा सफल होती है तो जल्द ही तेलंगाना में बहुजन राज्याधिकार स्थापित होगा। इसके साथ ही लोगों के लिए बहुत अच्छा होगा। किसानों के आंसू रुक जाएंगे। बेरोजगारी और कर्मचारियों की नाराजगी का समाधान मिल जाएगा। टीआरएस सरकार पर जनता का विरोध बेतहाशा बढ़ गया है। टीआरएस को पहला झटका हुजूराबाद उपचुनाव में लगा है। दस लाख देकर दलतितों को विभाजित करके शासन का उतना आसान नहीं है। इस बारे में सीएम केसीआर एंड कंपनी को अब तक मालूम हो चुका है। इसलिए प्रशांत किशोर जैसे लोगों को मैदान में उतार रहे है। कितना भी षडयंत्र कर लें, यदि जनता बहुजनों में चेतना जाग गई तो शासन व्यवस्था में परिवर्तन असंभव नहीं है। इसमें कोई संदेह नही है कि प्रवीण कुमार इस यात्रा के माध्यम से तेलंगाना की राजनीति पर एक मजबूत छाप छोड़ने वाले है। (तेलुगु वेलुगु से साभार)
