इन हिंदी अध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए नवीनकरण पाठ्यक्रम, अध्यक्ष और मुख्य अतिथि ने दिया यह सुझाव

हैदराबाद : केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा महाराष्ट्र राज्य के गोंदिया जिले के हिंदी अध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए 8 से 20 दिसंबर तक 492वाँ नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्घाटन समारोह सोमवार को संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के निदेशक प्रो. सुनील बाबुराव कुळकर्णी की अध्यक्षता में हुआ।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में हैदराबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. विष्णु सरवदे उपस्थित थे। इसके संयोजक केंद्रीय हिंदी संस्थान, हैदराबाद केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. फत्ताराम नायक, डॉ. दीपेश व्यास, अतिथि प्रवक्ता एवं डॉ. एस. राधा उपस्थित थीं। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा संस्थान गीत का गायन हुआ। अतिथियों के स्वागत गीत प्रस्तुत करके कार्यक्रम की शुरूआत की गई।

इस अवसर पर अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रो. सुनील बाबुराव कुळकर्णी ने कहा कि इस प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी शिक्षकों का कौशल विकास होगा। साथ ही आधुनिक संसाधनों के साथ खुद को विद्यार्थियों के समक्ष कैसे प्रस्तुत करें एवं हिंदी के व्यवहारिक एवं व्यवसायिक रूप को भी सही ढंग से प्रस्तुत करने का तरीका इस प्रशिक्षण के दौरान सिखाया जाएगा। आशा है कि यहाँ से अर्जित ज्ञान को अपने विद्यार्थियों के समक्ष रखकर उनका ज्ञान अर्जन करेंगे तथा हिंदी की सेवा में निरंतर लगे रहेंगे।

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मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. विष्णु सरवदे ने कहा तकनीकी के जमाने में हिंदी को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। भाषा और लिपि में बहुत अंतर है। हिंदी भाषा सरल है किंतु उसकी लिपि बहुत कठिन है। हर देश की शिक्षा वहाँ की राष्ट्रीय भाषा में ही होती है। किंतु भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर राज्य की अलग-अलग भाषाएं है। जिस कारण इसको विविधताओं का देश कहा जाता है। आज के वैश्विक परिवेश में भारत सबसे बड़े बाजार के रूप में उभरा है। जिस कारण आज सभी विदेशी कंपनियों एवं कंप्यूटर से संबंधित सभी सॉफ्टवेयरों को हिंदी में कार्य करने की आवश्यकता हो रही है। जिससे हिंदी का क्षेत्र बृहद होता जा रहा है।

पाठ्यक्रम संयोजक एवं क्षेत्रीय निदेशक डॉ. फत्ताराम नायक ने कहा कि आपको प्रशिक्षण के दौरान जो भी सिखाया जाएगा वह आपके जीवनपर्यंत शिक्षण कार्य में सहायक होगा। यह बारह दिन का प्रशिक्षण आपके विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को पुनः जागृत करेगा। जिससे आपके अंदर नई ऊर्जा का संचार हो सकेगा। वह ऊर्जा लेकर जब आप अपने विद्यार्थियों के सामने जाएँगे तो निश्चित ही लाभ मिलेगा।

इस कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. दीपेश व्यास ने किया। इस पाठ्यक्रम में गोंदिया जिले के हिंदी अध्यापक सुरेंद्र कुमार कारूलाल बिसेन तथा देवेंद्र कुमार हेतराम ठाकुर ने पाठ्यक्रम से संबंधित जिज्ञासाएँ व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. एस. राधा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस पाठ्यक्रम में तकनीकी सहयोग सजग तिवारी ने दिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।

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