हैदराबाद : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम का ऐलान किया है। ईरान-इजरायल में युद्ध रुकने से पूरे पश्चिम एशिया ने राहत की सांस ली है। क्योंकि यह लड़ाई लगातार फैलती जा रही थी और तीसरे विश्व युद्ध की अटकले तेज हो गई थी। सीजफायर का ऐलान भले ही ट्रंप ने किया है लेकिन ईरान और इजरायल की लड़ाई रोकने में अहम भूमिका कतर की है। अरब देश कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने ही अमेरिका की ओर से प्रस्तावित युद्धविराम के लिए ईरान को मनाया है। ट्रंप ने सीजफायर की मध्यस्थता के लिए कतर के अमीर को धन्यवाद भी दिया है।
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम के दावे को खारिज किया
इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का खंडन किया है। जिसमें ट्रंप ने ईरान और इजरायल के बीच युद्धविराम समझौता हो जाने की बात कही है। अराघची ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई समझौता फाइनल नहीं हुआ है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान और इजरायल पूर्ण युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। इसे नकारते हुए ईरानी के विदेश मंत्री ने कहा है इजरायल से कोई समझौता नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने इजरायल की ओर से हमले रुकने पर युद्ध रोकने की बात कही है।
डोनाल्ड ट्रंप की युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटे में ईरानी विदेश मंत्री की ओर से यह बयान आया है। उन्होंने कहा है कि हमले इजरायल की ओर से शुरू किए गए हैं। ईरान ने सिर्फ बचाव में जवाबी कार्रवाई की है। ऐसे में इस युद्ध को रोकने की जिम्मेदारी भी इजरायल पर है। इजरायल को पहले अपने हमले रोकने होंगे। अगर इजरायल अपनी ओर से हमले रोकता है तो ईरान भी जवाबी हमले नहीं करेगा।
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आपको बता दें कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतर के अमीर से संपर्क करते हुए उनसे इजरायल-ईरान में मध्यस्थता करने के लिए कहा था। उनको ईरान से बात करने का काम ट्रंप की ओर से सुझाव दिया गया था। इसके बाद कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने तेहरान में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई से संपर्क साधा और प्रस्तावित युद्धविराम के लिए उनकी सहमति हासिल की।

डोनाल्ड ट्रंप ने कतर अमीर को बताया कि इजरायल युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है। ऐसे में वह ईरान को भी लड़ाई रोकने के लिए मनाएं ताकि ये संघर्ष खत्म हो। इसके तुरंत बाद कतर के प्रधानमंत्री ने ईरानी सरकार से बात की और तेहरान से युद्धविराम शर्तों के लिए प्रतिबद्धता हासिल करने में सफलता पाई। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने स्वीकार किया कि तेहरान ने कतर की मध्यस्थता में युद्धविराम को स्वीकार किया है।
ईरान-इजरायल युद्ध में मध्यस्थता कतर ने ऐसे समय की है, जब वह खुद भी इसकी चपेट में आ गया था। ईरान ने सोमवार रात को कतर में अमेरिका के अल उदीद एयरबेस एयरबेस पर मिसाइल हमला किया था। अमेरिका के हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने ये हमला किया। ईरान की ओर से सिर्फ कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे देश में इमरजेंसी के हालात हो गए और सरकार ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने के लिए कहा।
आपको बता दें कि ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन की भीषण लड़ाई के बाद युद्धविराम हुआ है। इस संघर्ष की शुरुआत 13 जून की सुबह हुई थी, जब इजरायली सेना ने ईरान में हवाई हमला कर दिया था। इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की बात कहते हुए भारी बमबारी की थी। इस हमले में कईं लोग मारे गये। इसके बाद ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइल हमले शुरू कर किए।
इजरायल पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद 22 जून को अमेरिका इस लड़ाई में कूद गया। अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बंकर बस्टर बमों से हमले किए। इन हमलों के जवाब में ईरान ने सोमवार को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दाग दीं। इससे ये लड़ाई पूरे पश्चिम एशिया में फैलने का अंदेशा पैदा हो गया था।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा…

इसी क्रम में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर दो पोस्ट किये हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने मंगलवार सुबह पहले एक्स पर पोस्ट करते हुए युद्धविराम पर तेहरान की स्थिति स्पष्ट की है। अराघची ने अपने पोस्ट में लिखा, “ईरान ने बार-बार स्पष्ट किया है कि इजरायल ने ईरान पर युद्ध शुरू किया। हमने उस पर हमला नहीं किया है। अभी तक किसी भी युद्ध विराम या सैन्य अभियानों की समाप्ति पर कोई समझौता नहीं हुआ है। हालांकि, इजरायली शासन अगर ईरानी लोगों के खिलाफ अपने आक्रमण को तेहरान समय के अनुसार सुबह 4 बजे से पहले बंद कर दे तो हमारा भी अपनी प्रतिक्रिया जारी रखने का कोई इरादा नहीं है। हमारे सैन्य अभियानों की समाप्ति पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा।”
इसके बाद अराघची ने अपने दूसरे एक्स पोस्ट में लिखा, “इजरायल को उसके आक्रमण की सजा देने के लिए हमारे शक्तिशाली सशस्त्र बलों का सैन्य अभियान सुबह 4 बजे तक जारी रहा है। मैं सभी ईरानियों के साथ मिलकर अपने बहादुर सशस्त्र बलों को धन्यवाद देता हूं। वह अपने खून की आखिरी बूंद तक देश की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं और जिन्होंने दुश्मन के किसी भी हमले का आखिरी मिनट तक जवाब दिया है।” (एजेंसियां)
ఇజ్రాయెల్తో కాల్పుల విరమణ ఒప్పందం కుదరలేదు : ఇరాన్ విదేశాంగశాఖ మంత్రి
హైదరాబాద్ : ఇరాన్-ఇజ్రాయెల్ మధ్య గత 12 రోజులుగా తీవ్ర ఉద్రిక్త పరిస్థితులు నెలకొన్న సంగతి తెలిసిందే. ఈక్రమంలో ఇరు దేశాలు కాల్పుల విరమణ ఒప్పందానికి వచ్చాయని, సోషల్ మీడియా ట్రూత్ వేదికగా అమెరికా అధ్యక్షుడు డొనాల్డ్ ట్రంప్ ప్రకటించాడు. ట్రంప్ ప్రకటనపై తాజాగా ఇరాన్ స్పందించింది. ఇజ్రాయెల్తో కాల్పుల విరమణపై ఎలాంటి ఒప్పందం కుదరలేదని ఇరాన్ విదేశాంగ శాఖ మంత్రి చెప్పారు. కాల్పుల విరమణపై ట్రంప్ పోస్టు పెట్టిన కొన్ని గంటల తర్వాత ఇరాన్ విదేశాంగశాఖ మంత్రి అబ్బాస్ అరాగ్చీ మంగళవారం ఎక్స్ వేదికగా పోస్టు పెట్టారు.
‘ఇజ్రాయెల్లే మాపై యుద్ధం ప్రారంభించింది. ఈ విషయాన్ని మేము ఇప్పటికే స్పష్టం చేశాం. ఇజ్రాయెల్ తన దాడులను ఆపితే మాత్రమే తాము దాడులను ఆపుతాం. ప్రస్తుతానికి కాల్పుల విరమణపై ఎలాంటి ఒప్పందం లేదు. అయితే, టెల్అవీవ్ మా ప్రజలపై చేస్తున్న దురాక్రమణను ఈరోజు ఉదయం 4 గంటల్లోపు (స్థానిక కాలమానం ప్రకారం) ఆపేయాలి. ఈ సంఘర్షణలను కొనసాగించాలనే ఉద్దేశం మాకు లేదు. మా సైనిక కార్యకలాపాల విరమణపై తుది నిర్ణయతం తర్వాత ప్రకటిస్తాం’ అని పేర్కొన్నారు. ఇజ్రాయెల్ దాడులకు తామూ కౌంటర్ దాడులు చేస్తున్నామని, తమ రక్షణ హక్కును సమర్థంగా వినియోగించుకుంటామని ఈ సందర్భంగా ఇరాన్ స్పష్టం చేసింది. అలాగే ఇలాంటి ప్రకటనలు ఎలాంటి ఆధారాలు లేకుండా చేయడం బాధాకరమని, వాస్తవాలకు దూరంగా ఉన్నాయని ఇరాన్ అధికారులు విమర్శించారు.
కాగా, ఇరాన్, ఇజ్రాయెల్లు పూర్తి కాల్పుల విరమణకు అంగీకరించాయని, 12 గంటల్లో యుద్ధం అధికారికంగా ముగుస్తుందని ట్రంప్ ట్రూత్ సోషల్ వేదికగా ప్రకటించారు. ఈ కాల్పుల విరమణకు తొలుత ఇరాన్ అంగీకరించిందన్నారు. దీంతో 12 రోజుల యుద్ధానికి ముగింపు కార్డు పడనుందని తెలిపారు. అయితే, ట్రంప్ ప్రకటనకు విరుద్ధంగా టెహ్రాన్ ప్రకటించడం గమనార్హం. ఇక దీనిపై ఇజ్రాయెల్ ఇప్పటివరకు ఎలాంటి ప్రకటన చేయలేదు. (ఏజెన్సీలు)
