हैदराबाद: माओवादी इल्लेंदु-नरसमपेट एरिया कमेटी ने टीआरएस सरकार को मुठभेड़ों के लिए जवाबदेह ठहराया है। साथ ही चेतावनी दी कि टीआरएस पार्टी कैडर को नहीं छोड़ा जाएगा। इल्लेंदु-नरसमपेट के सचिव पापन्ना ने एक बयान में यह चेतावनी दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि साम्राज्यवाद और कॉर्पोरेट संस्थाओं के लाभ के लिए जनविरोधी नीतियों को तेलंगाना में लागू किया जा रहा है। इसका विरोध करने वाले सार्वजनिक आंदोलनों पर हमले किये जा रहे हैं।
पापन्ना ने बताया कि वेंकटपुरम वाजेडु एरिया कमेटी के सचिव शांता, इलेंदु-नरसमपेट एरिया के दल कमांडर बुच्चन्ना और कैलाश हाल ही में पुलिस के साथ लड़ते-लड़ते मारे गये हैं। उन्होंने याद दिलाया कि केसीआर ने तेलंगाना आंदोलन के दौरान आश्वासन दिया था कि बिना मुठभेड़ वाला तेलंगाना होगा। मगर सत्ता में आते ही लगातार कथित मुठभेड़ हो रहे हैं।
इल्लेंदु-वेंकटपुरम जंगल में हुए मुठभेड़ के विरोध में 22 जनवरी को तेलंगाना बंद मनाया जाएगा। उन्होंने सभी वर्ग के लोगों से बंद को सफल बनाने का आह्वान किया है।
