हैदराबाद : विवेक वर्धिनी महाविद्यालय में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर एक संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया है। आज यहाँ जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर विद्याधर ने बताया है कि इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती अहन्या राजू तथा मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. प्रदीप कांडलीकर एवं विशेष अतिथि के रूप में डॉ. रश्मि कांडलीकर उपस्थित हुए हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया है।

विवेक वर्धिनी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर विद्याधर ने अपने स्वागत भाषण में विद्यालय का परिचय देते हुए सभागार में उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन किया है। महाविद्यालय की उपाचार्य डॉ. मीनाक्षी ने पौधा भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया है। मुख्य वक्ता श्रीमती अहन्या राजू ने कहा कि संपूर्ण देश में एक साथ चुनाव कराने की आवश्यकता पर बल दिया है। जिसमें भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसकी प्रासंगिकता, लाभों और संभावित चुनौतियों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से धन एवं समय की बचत होती है। इस संगोष्ठी में चुनाव संबंधी सुधारों पर जीवंत चर्चा हुई और विचारों के आदान प्रदान को बढ़ावा मिला है। यह आलोचनात्मक चिंतन और नागरिक जागरूकता के लिए एक आकर्षक मंच स्थापित हुआ है ।

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विशेष अतिथि डॉ. रश्मि कांडलीकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति जागरूकता पैदा की जा सकती है। मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कांडलीकर ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव के अनेक लाभ हो सकते हैं। इसके द्वारा चुनावों में व्यस्तता कम होती है और चुने गये प्रतिनिधियों को देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए समय अधिक प्राप्त होता है।

इस कार्यक्रम को आयोजन करने के लिए विवेक वर्धिनी शिक्षण संस्था को साधुवाद दिया है। कार्यक्रम का संचालन कुमारी नंदिनी ने किया है। धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय सेवा योजना की अधिकारीसिंधुजा ने दिया है। राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ है। इस कार्यक्रम में NCC के लेफ्टिनेंट कर्नल वेणु एवं NCC के विद्यार्थी और विभिन्न संकायों के प्राध्यापक कर्मचारी और विद्यार्थियों ने भाग लिया है ।
