सूत्रधार संस्था का स्थापना दिवस समारोह उल्लासपूर्वक संपन्न, पंचम वार्षिकोत्सव समारोह होगा आमने-सामने

हैदराबाद (सरिता सुराणा की रिपोर्ट) : सूत्रधार साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था, हैदराबाद, भारत द्वारा रविवार को 66 वीं मासिक गोष्ठी सह पंचम वार्षिकोत्सव समारोह का ऑनलाइन आयोजन किया गया। संस्थापिका सरिता सुराणा ने सभी सम्मानित सदस्यों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया और इस 5 वर्षीय सफल साहित्यिक यात्रा हेतु सबको बधाई और साधुवाद दिया। रिमझिम झा की सरस्वती वन्दना से गोष्ठी आरंभ हुई। तत्पश्चात् सरिता सुराणा ने वरिष्ठ साहित्यकार अजय कुमार सिन्हा को गोष्ठी की अध्यक्षता करने हेतु मंच पर सादर आमंत्रित किया।

अपने स्वागत भाषण में सरिता ने बताया कि 31 मई 2020 को संस्था की पहली ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया था। उस समय संस्था के गठन का कोई विचार नहीं था लेकिन जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते गए, लोग आते गए और कारवां बनता गया। उसके बाद हमने पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज़ हमारी संस्था का पाँचवां स्थापना दिवस है। हमने अपनी साहित्यिक यात्रा के पांच वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न किए हैं। उन्होंने संस्था की समस्त गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रदान की और कहा कि इन पाँच वर्षों में संस्था द्वारा समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों का ऑनलाइन और ऑफलाइन आयोजन किया गया है। अब तक 400 से अधिक ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जो संस्था की प्रगतिशीलता के प्रमाण हैं।

संस्था के व्हाट्स ऐप ग्रुप, फेसबुक ग्रुप और फेसबुक पेज पर नियमित फीचर शृंखलाएं आयोजित की जा रही हैं। संस्था के विभिन्न कार्यक्रमों में दो कार्यक्रम विशेष रूप से साहित्य प्रेमी विद्वजनों द्वारा सराहे गए हैं, वे हैं – साहित्यकार को जानें और नौ दिवसीय मातृ भक्ति गीत महोत्सव। इन कार्यक्रमों से देश-विदेश के लब्ध प्रतिष्ठ साहित्यकार जुड़े हुए हैं, जो समय-समय पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान कर इन्हें सफल बनाते हैं। बच्चों की प्रतिभा को निखारने हेतु भी समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और उन्हें प्रोत्साहित करने हेतु प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।

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मार्च माह में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संस्था द्वारा अपनी त्रैमासिक ई-पत्रिका-‘मंजरी’ के प्रथम अंक का लोकार्पण किया गया। संस्था द्वारा सन् 2024 में ‘गार्गी सम्मान’ की स्थापना की गई थी। उस वर्ष यह सम्मान हैदराबाद की ख्याति प्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अहिल्या मिश्र जी को प्रदान किया गया था। सन् 2025 में यह सम्मान कानपुर, उत्तर-प्रदेश की वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती कुसुम सिंह अविचल को प्रदान किया गया। शिक्षा सहायता के अंतर्गत पिछले वर्ष एक जरुरतमंद विद्यार्थी को 7200/- रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। इस तरह संस्था साहित्य, कला, संस्कृति, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। यह गोष्ठी खुले सत्र के रूप में आयोजित की गई थी। जिसमें सहभागी सदस्यों ने अपने-अपने अनुभव और विचार साझा किए।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्था की सचिव आर्या झा ने सर्वप्रथम मनवीन कौर पाहवा जी को काव्य पाठ हेतु आमंत्रित किया। उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए अपनी रचना का पाठ किया। तत्पश्चात् कल्याणी झा, भावना पुरोहित, भगवती अग्रवाल, दर्शन सिंह, अमिता श्रीवास्तव, रिमझिम झा, बिनोद गिरि अनोखा, आर्या झा और सरिता सुराणा ने विभिन्न भाषाओं में अपनी-अपनी रचनाओं का शानदार प्रस्तुतिकरण किया। अंत में अध्यक्षीय टिप्पणी देते हुए अजय कुमार सिन्हा ने संस्था की अब तक की साहित्यिक यात्रा के बारे में बहुत ही सटीक और सारगर्भित विचार व्यक्त किए और सभी सदस्यों की रचना पर अपनी बात रखी। साथ ही साथ उन्होंने अपनी रचना – कुरुक्षेत्र का पाठ किया।

संस्था की उपाध्यक्ष श्रीमती ज्योति गोलामुडी और वरिष्ठ पत्रकार के राजन्ना ने वार्षिकोत्सव समारोह हेतु अपनी शुभकामनाएं दी और संस्था के उज्ज्वल भविष्य हेतु कामना की। बिनोद गिरि अनोखा ने सभी सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। सरिता सुराणा ने सूचित किया कि 29 जून को संस्था का पंचम वार्षिकोत्सव समारोह आमने-सामने आयोजित किया जाएगा।

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